अरुण सिंह संवाददाता नजरिया न्यूज लखनऊ, 16दिसंबर 2025।
पीडीए प्रहरी’ के चौकन्ने रहने से SIR में भाजपाइयों का मनमाफ़िक़ जुगाड़ नहीं हो पाया। यह त्वरित टिप्पणी निवर्तमान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का है। उन्होंने कहा;
उप्र के मुख्यमंत्रीजी स्वयं कह रहे हैं कि जो 4 करोड़ मतदाता SIR के दौरान वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किये गए हैं। जिसमें से 85-90% भाजपा के वोटर हैं।
श्री अखिलेश ने इस बात का
मतलब बताया:
‘पीडीए प्रहरी’ के चौकन्ने रहने से SIR में भाजपाइयों का मनमाफ़िक़ जुगाड़ नहीं हो पाया।

उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने का रास्ता देख रहे हैं निवर्तमान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
=अरुण सिंह संवाददाता, संवाददाता नजरिया न्यूज लखनऊ
– दूसरा मतलब ये हुआ कि वोटर लिस्ट में साक्ष्यों के अभाव में हटाए गए 85-90% वोटर भाजपा के निकले मतलब सारी गड़बड़ी भाजपा के वोटर कर रहे थे।
– तीसरा मतलब ये हुआ कि मुख्यमंत्रीजी के अनुसार अगर 4 करोड़ मतदाता में, यदि कम भी मानें तो 85% मतलब 3 करोड़ 40 लाख (3,40,00,000) मतदाता कम हो गये जो भाजपा के मतदाता थे।
– चौथा मतलब गणितीय निष्कर्ष के रूप में ये निकला कि यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव में 403 सीटों पर भाजपा के कुल 3 करोड़ 40 लाख मतदाता कम हो गए।
– पाँचवां मतलब ये हुआ कि 3,40,00,000 मतों को 403 सीटों से भाग दिया जाए तो प्रत्येक सीट पर भाजपा को लगभग 84,000 वोटों का नुक़सान हो गया है, जो दरअसल जायज़ वोटर नहीं थे।
– छठा मतलब, इस गणित से ये निकला कि भाजपा आगामी चुनाव में रेस से ही बाहर हो जाएगी और भाजपा की हार का ये गणित और ‘पीडीए की जीत का अंकगणित’, आकांक्षा और ‘अपनी पीडीए सरकार’ बनाने के लिए पीडीए की एकजुटता देखकर भाजपा व उनके प्रत्यक्ष सहयोगी और साथ ही पिछले दरवाज़े से साथ निभानेवाले अन्य दलों से टिकट मांगने वाले प्रत्याशी या उम्मीदवार ही नहीं होंगे ।
इससे एक बात और साफ़ हो गयी है कि चुनाव आयोग द्वारा सत्ताधारी दल के नुक़सान को देखकर ही 2 हफ़्ते का समय बढ़ाया गया है, लेकिन पीडीए प्रहरी SIR में अब दोगुनी सजगता से काम करेंगे और किसी भी गड़बड़ी को नहीं होने देंगे और चुनाव आयोग के अधिकारियों से हर एक पीडीए प्रहरी कहेगा : तू जहाँ-जहाँ चलेगा मेरा साया साथ होगा!






















