नजरिया न्यूज़, अररिया। संवाददाता : हीरा गुप्ता
मंडल कारा अररिया में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जेल प्रशासन, पुलिस विभाग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उन्हें विधिक अधिकारों से अवगत कराना तथा सुधार की दिशा में सकारात्मक प्रेरणा देना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता काराधीक्षक सुजीत कुमार झा ने की। इस दौरान मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक फकरे आलम, एसडीपीओ सुनील कुमार, चीफ एलएडीसीएस विनय कुमार ठाकुर, डिप्टी एलएडीसीएस रविकेश उपाध्याय, प्रभारी उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार, सहायक अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार, सुनील कुमार और सुभाष कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अध्यक्षता कर रहे काराधीक्षक सुजीत कुमार झा ने अपने संबोधन में मानवाधिकारों की मूल अवधारणा, भारतीय संविधान में निहित मौलिक अधिकारों और जेल सुधार कार्यक्रमों की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार एवं पुनर्वास की महत्वपूर्ण इकाई है। उन्होंने बंदियों को सलाह दी कि वे तनाव, नकारात्मकता और आवेगपूर्ण व्यवहार से दूर रहकर आत्मनियंत्रण, मानसिक मजबूती और सकारात्मक सोच विकसित करें। उन्होंने कारा में चल रही शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास संबंधी गतिविधियों की भी जानकारी दी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की टीम ने भी बंदियों के लिए विधिक जागरूकता सत्र आयोजित किया। टीम के सदस्यों ने बताया कि कानून सबके लिए समान है और प्रत्येक बंदी को न्याय पाने का पूर्ण अधिकार है। उन्होंने मुफ्त कानूनी सहायता, पैरवी, अपील, विधिक परामर्श तथा विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी, ताकि बंदी अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें।
कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को कानूनी साक्षरता बढ़ाने, मानवाधिकारों के महत्व को समझने और समाज में पुनर्स्थापन के लिए तैयार होने का संदेश दिया गया। अंत में सभी अधिकारियों ने मानवाधिकार संरक्षण को लेकर सामूहिक संकल्प लिया और बंदियों को जागरूक व प्रेरित रहने की अपील की।























