नजरिया न्यूज़, कटिहार। बयूरो रिपोर्ट।
कोलकाता–जोगबनी ट्रेन में यात्रियों के लिए सफर दिन प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है। आरक्षित टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को भी सीट नहीं मिल पा रही है, क्योंकि कुछ लोग जेनेरल टिकट लेकर और कई लोग गाड़ी में चढ़ते समय पैसे देकर खुलेआम आरक्षित बोगियों में जबरन प्रवेश कर जाते हैं। इससे ट्रेन में भारी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही है। यात्रियों का कहना है कि इन दबंग प्रवृत्ति वाले लोगों द्वारा अन्य यात्रियों को धक्का देकर सीट कब्जाई जाती है। विरोध करने पर बदसलूकी तक की जाती है, जिससे महिलाएँ, बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक परेशान रहते हैं।
जानकारी के अनुसार कोलकाता–जोगबनी ट्रेन के कई कोचों में लंबे समय से लगातार यह स्थिति बनी हुई है, मगर रेलवे प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की ओर से कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं दिख रही है। यात्री शिकायत करते हैं कि टिकट चेकिंग स्टाफ और आरपीएफ कई बार मौन भूमिका में नजर आते हैं। परिणामस्वरूप बिना टिकट या जेनेरल टिकट पर चढ़े लोग मनमानी करते हैं, जबकि रिजर्वेशन टिकटधारी अपनी निर्धारित सीटों पर भी बैठने से वंचित रह जाते हैं।
यात्रियों ने सवाल उठाया है कि जब वे पूरा किराया देकर सीट बुक करते हैं तो उन्हें सुरक्षा और बेफिक्री के साथ यात्रा करने का अधिकार है। बावजूद इसके, उन्हें भय और तनाव में सफर करना पड़ता है। इससे रेलवे की सेवा व्यवस्था और यात्री सुरक्षा दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। स्थानीय यात्रियों ने रेलवे विभाग से मांग की है कि कोलकाता–जोगबनी ट्रेन में टिकट जांच और सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया जाए। साथ ही जबरन प्रवेश, सीट कब्जा और दबंगई करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि सभी यात्री सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में यात्रा कर सकें।























