नजरिया संवाददाता बारसोई (कटिहार)।
अनुमंडलीय अस्पताल बारसोई में मरीजों के परिजनों के लिए बनाए गए वेटिंग रूम का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। लाखों रुपए की लागत से बने इस वेटिंग रूम पर हमेशा ताला लटका रहता है, जिसके कारण प्रसव समेत अन्य गंभीर स्थितियों में आए मरीजों के परिजनों को रातभर बाहर ही समय बिताना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने प्रसव कराने आई महिलाओं के परिजनों के ठहरने एवं जरूरत पड़ने पर जच्चा के साथ प्रतीक्षा करने के लिए वेटिंग रूम की व्यवस्था की थी। लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते यह सुविधा केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है।
मरीज के परिजन मोहम्मद मुन्ना ने बताया कि “सरकार ने मरीजों के हित में वेटिंग रूम का निर्माण कराया है, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो। लेकिन यहां तो हमेशा ताला लगा रहता है। हमें मजबूरन वेटिंग रूम के बाहर ही रात बितानी पड़ी है।” उन्होंने जिला पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी से वेटिंग रूम को तत्काल खोलने की मांग की है, ताकि मरीजों के परिजन सुविधा का लाभ ले सकें।
इस संबंध में अनुमंडलीय उपाधीक्षक एम. ए. उस्मानी ने बताया कि वेटिंग रूम में ‘जीविका’ का सामान रखा गया है, इसी कारण उसे बंद रखा गया है। उन्होंने कहा कि मरीजों के परिजनों के लिए मुख्य अस्पताल भवन में रहने की अस्थायी व्यवस्था की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वेटिंग रूम का उपयोग अपनी मूल उद्देश्य के लिए नहीं किया जा रहा है, तो यह सरकारी संसाधनों की गंभीर बर्बादी है और अस्पताल प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है।
परिजन व आम नागरिक अब प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं ताकि मरीजों के साथ आए लोग सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से रात गुजार सकें।























