नजरिया न्यूज़, बारसोई कटिहार।
बारसोई प्रखंड स्थित खानकाह व मदरसा लतीफिया रहमानपुर तकिया शरीफ में शनिवार से 114वां सालाना उर्स शरीफ का आगाज़ सूफी परंपरा और आध्यात्मिक माहौल के बीच किया गया। उर्स के पहले दिन से ही बड़ी संख्या में अकीदतमंदों, स्थानीय श्रद्धालुओं व बाहर से आए मेहमानों की भीड़ देखी गई। उर्स की शुरुआत फज्र की नमाज़ के बाद कुरआनखानी, मिलाद शरीफ, दुआ-सलाम और तिलावत-ए-कुरआन के साथ हुई। दिनभर नात-ए-पाक, फातिहा, कुल शरीफ तथा इस्लामी बयानों का सिलसिला जारी रहा। तथा सूफी संत शाह मौलाना हफीजुद्दीन रहमतुल्ला अलेहे की शान में नातिया कव्वाली भी गई। सूफी संत हजरत शाह नूर आलम समेत अन्य सामाजिक-धार्मिक विद्वानों ने लोगों से समाज में मोहब्बत, भाईचारा, अमन और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि उर्स शरीफ जैसी परंपराएं समाज को जोड़ने का माध्यम हैं।खानकाह की ओर से श्रद्धालुओं से स्वच्छता, सादगी और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है। वहीं भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवकों की तैनाती कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष उर्स में जिले के साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न इलाकों से भारी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेल प्रशासन ने संजय ग्राम स्टेशन पर कई ट्रेनों का विशेष ठहराव भी उपलब्ध कराया गया है। वहीं तीन दिवसीय इस उर्स का समापन चादरपोशी, आखिरी बयान और सामूहिक दुआ के साथ किया जाएगा। अंतिम दिन गरीबों के बीच लंगर का विशेष वितरण होगा। खानकाह के मोहतमिम ख्वाजा शाहिद ने जिला प्रशासन, रेल प्रशासन, नगर प्रशासन तथा आम जनता से उर्स के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की है।























