- गहन जांच हुई तो शिक्षा विभाग के आला अधिकारी भी आएंगे चपेट में
- धूर्तता की पराकाष्ठा को कहते हैं कस्तूरबा जी, सोसायटी नवीनीकरण में हुई धूर्तता
- संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर और संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर में संस्कृत कालेज पुरानी संस्था है
- 1932 में संस्कृत कालेज की स्थापना हुई , संपूर्णानंद संस्कृत महाविद्यालय वाराणसी से संबद्ध है
- संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर का संपूर्णनंद विश्वविद्यालय से संबद्धता नहीं है
- लेकिन इसके बावजूद नवीनीकरण 1980 से हो रहा है,
- वहीं संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर का नवीनीकरण 1980 से कबूतरबाजी के कारण अधिकारीगण नहीं कर रहे है
- सहायक प्राचार्य ने भी स्वीकार किया,वे संस्कृत महाविद्यालय के हैं कर्मचारी,
- आरटीआई के मुताबिक संस्कृत महाविद्यालय नहीं संपूर्णनंद से संबद्ध
मनोज सिंह, नजरिया न्यूज संवाददाता शाहगंज, 16नवंबर। गीता। अध्याय 18 के श्लोक 17में योगेश्वर श्रीकृष्ण कहते हैं”हंति न निबध्यते” तात्पर्य:जब सैनिक अपने श्रेष्ठ अधिकारी सेनापति की आज्ञा से वध करता है तो उसको दंडित नहीं किया जाता लेकिन वह सैनिक स्वेच्छा से वध कर दे तो निश्चित रूप से न्यायालय द्वारा उसका निर्णय होता है। संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर, जिला जौनपुर 1932 से संपूर्णनंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से संबद्ध है। निबंधन कार्यालय वाराणसी से रजिस्टर्ड है लेकिन अधिकारीगण इस संस्था का नवीनीकरण 1980 से नहीं कर रहे हैं। वहीं संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर का 2025में भी नवीनीकरण निबंधन कार्यालय कार्यालय वाराणसी से किया गया है। उल्लेखनीय है कि “संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर का अस्तित्व संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी में नहीं है।
1932 में स्थापित संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर के पते पर 1983 में कराया गया संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का रजिस्ट्रेशन -नजरिया न्यूज
फिर भी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय जौनपुर के द्वारा कर्मचारियों को वेतन आदि सुविधाएं दी जा रही थीं। इसकी जानकारी प्रबंधक संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर द्वारा डीएम जौनपुर, राज्य सूचना आयुक्त लखनऊ दी गई है। डीएम जौनपुर के द्वारा जांच जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपने की जानकारी मिली है। वेतन पर रोक लगा दी गई है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से आरटीआई के तहत जानकारी दी गई है: “संस्कृत कालेज, पट्टी नरेंद्रपुर, जौनपुर” 1932से संपूर्णनंद विश्वविद्यालय वाराणसी से संबद्ध है। जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर द्वारा संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर के प्रबंधक और कर्मचारियों को दी जा रही सुविधाएं सवालों के घेरे में आ गईं हैं।
हिंदुस्तान अख़बार से सेवानिवृत्त
वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार राज ने कहा: संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जो संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध है, उसे सुविधाएं नहीं देकर जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर द्वारा संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर को सुविधाएं देना समझ से परे का मामला है। जांच हुई तो संस्था की तस्करी करने, कबूतरबाजी करने तथा संस्था की संपत्ति धूर्तता के साथ कब्जा करने की कार्रवाई हो सकती हैं।
कैप्शन -1932में स्थापित संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर का 1946-47में जारी रजिस्ट्रेशन नंबर प्रमाणपत्र -नजरिया न्यूज
*क्या कहते हैं संस्कृत महाविद्यालय विद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर, जौनपुर के सहायक प्राचार्य व बदहाल स्थिति में संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर-लाइव*
आनंद मिश्र, सहायक प्राचार्य, संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर, जौनपुर
*कोट=*
छह से 15 तक कक्षाएं संचालित हैं। माध्यमिक और शास्त्री के विद्यार्थी पढ़ते हैं। कुल 160 विद्यार्थी नामांकित हैं। माध्यमिक में 105 तथा शास्त्री में 55-56विद्यार्थी है। अध्यापक एक हैं। कभी आठ हुआ करते थे। एक शिक्षक 2021से हैं।
वर्ग कक्ष का अभाव है।तीन बड़े हाल हैं। पांच छोटे हाल हैं लेकिन जर्जर हैं। सत्र 2021-22से एक शिक्षक के सहारे विद्यालय चल रहा है।
*आनंद मिश्र, सहायक प्राचार्य, संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर, जौनपुर*























