नजरिया न्यूज़, संवाददाता बारसोई कटिहार।
अभी पतंग उड़ाने का मौसम पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र में पतंगों की बिक्री चरम पर पहुंच गई है। कस्बाई इलाकों से लेकर ग्रामीण बाजारों तक हर जगह पतंगों की जबरदस्त मांग देखी जा रही है। प्रखंड मुख्यालयों और विभिन्न बाजारों में यहां तक कि छोटे-छोटे गांवों की दुकानों में भी पतंगों का अंबार लगा हुआ है। दुकानदारों के मुताबिक, इस बार पतंगों की बिक्री पिछले सालों के मुकाबले कई गुणा बढ़ गई है। इसकी बड़ी वजह विधानसभा चुनाव में ‘पतंग छाप’ का प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरना बताया जा रहा है। जैसे-जैसे चुनाव प्रचार के दौरान ‘पतंग छाप’ की चर्चा फैली, वैसे-वैसे बाजार में भी पतंगों की मांग तेजी से बढ़ी। अब तो हाल यह है कि कई दुकानों में पतंग का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है।
स्थानीय हॉलसेल दुकानदारों का कहना है कि वे पहले ही माल की दो-तीन खेप बेच चुके हैं और अब फिर से बाहर से पतंग मंगवाने की तैयारी में हैं। कई दुकानदार बताते हैं कि खरीदारों में सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि बड़े-बुजुर्ग और युवा भी बड़ी मात्रा में पतंग खरीद रहे हैं। गांव-देहात के क्षेत्रों में तो पतंगों को ‘जीत की तैयारी’ के रूप में भी स्टॉक किया जा रहा है। 14 नवंबर यानि आज चुनाव परिणाम घोषित होने वाला है, ऐसे में समर्थक पहले से ही जीत का जश्न मनाने की तैयारी में जुटे हैं। बाजार में “पतंग छाप की लहर” का असर इतना है कि कई दुकानदार अब अन्य वस्तुओं की तुलना में पतंग की बिक्री से ही अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं। बच्चे और युवा रोजाना नई डिजाइन और रंग-बिरंगी पतंगें खरीदने पहुंच रहे हैं।























