संजय ने युद्ध क्षेत्र का वर्णन करने के बाद अंत में कहा, हे महाराज: जहां योगेश्वर श्रीकृष्ण हैं, जहां परम धनुर्धर अर्जुन हैं, वहीं ऐश्वर्य,विजय, अलौकिक शक्ति तथा नीति भी निश्चित रूप से रहती है,ऐसा मेरा मत है।
संजय का मत बिहार चुनाव सहित सभी कार्यों के अंतिम परिणाम या परिणिति है। जिस देश में सबसे योग्य शिक्षक और युद्ध के मैदान में योग्य शिक्षक से ज्ञान प्राप्त करने वाले मतदाता हैं, वहां अच्छे व्यक्ति की जीत, अच्छी राजनीतिक पार्टी की जीत, सबसे अच्छे व्यक्ति का मुख्यमंत्री निर्वाचित होना सुनिश्चित है। जहां ज्ञान में संलग्न विधायक और संविधान में विश्वास करने वाले मुख्यमंत्री होंगे, उस देश और प्रदेश का ऐश्वर्य पृथ्वी लोक पर अवश्य फहराएगा और शासक नहीं अपितु सभी सेवक की भावना से प्रदेश और राष्ट्र की सेवा करेंगे।
लोकतंत्र में विश्वास नहीं करने वाले अर्थात सत्ता के लिए भीष्म,द्रोण तथा कर्ण जैसी महाशक्तियों का दुरुपयोग करने वाले की हार सुनिश्चित है।
सहरसा – पत्रकार से मारपीट के विरोध में छात्र संगठनों ने फूंका पुतला, कार्रवाई की मांग
नजरिया न्यूज़ सहरसा। विकास कुमार। खबर सहरसा से है, जहां सदर अस्पताल में समाचार संकलन के दौरान प्रभात खबर डिजिटल...














