त्वरित टिप्पणी-अरहर और मटर दाल के उत्पादन में तब तक नहीं होगी वृद्धि जबतक नीलगाय और जंगली सुअरों से फसलों की सुरक्षा पर भारत सरकार सुरक्षा की नहीं बनाएगी नीति
= उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में अरहर और मक्का उत्पादन करने वाले किसानों ने दी भारत सरकार की कृषि नीति पर प्रतिक्रिया
प्रतिभा सिंह/मीरा प्रवीण वत्स, नजरिया न्यूज, 26अगस्त।
दलहन एवं तिलहन उत्पादन को दिया जाएगा बढ़ावा
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26अगस्त को कहा: देश को जिन फसलों की ज्यादा जरूरत है उनका उत्पादन बढ़ाया जाए। इस दिशा में सरकार दलहन व तिलहन उत्पादन को विशेष बढ़ावा देगी, जिससे दालों के आयात की जरूरत न पड़े।
केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान मंगलवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजित तीन दिवसीय “64वी अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान कार्यकर्ता गोष्ठी” के दूसरे दिन कृषि वैज्ञानिकों, प्रगतिशील किसानों, कृषि उद्यमियों एवं कृषि विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार खासतौर पर तुअर, मसूर, सूरजमुखी, चना, मटर इत्यादि फसलों को विशेष प्रोत्साहन देगी। इस उद्देश्य से कृषि वैज्ञानिकों को राज्यवार “वन टीम – वन टास्क” दिया जाएगा।
उत्कृष्ट उर्वरक, कीटनाशक एवं दवाएं उपलब्ध कराने के लिये सरकार कटिबद्ध:
किसानों को उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले उर्वरक, कीटनाशक व दवाएं उपलब्ध कराने के लिये सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार ने कीटनाशक एवं दवाएं तैयार करने वाली कंपनियों के उत्पादों की निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत आईसीएआर एवं कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से जांच कराई है।

कादीपुर, उत्तर प्रदेश -अरहर,मटर और आलू की खेती बड़े पैमाने पर किसान करते थे। ये तीनों फसलें सुअर और नीलगायों के द्वारा क्षति पहुंचाने से एक-चौथाई भी नहीं बच रहीं हैं…
= ग्राम प्रधान मुन्नू यादव, किसान राजेंद्र सिंह, भानु सिंह, संतोष वर्मा व राजेश यादव आदि ने दी जानकारी
=प्रतिभा सिंह/मीरा प्रवीण वत्स, संवाददाता नजरिया न्यूज, 26अगस्त।
पहले देश में लगभग 30 हजार प्रकार के पेस्टीसाइट व दवाओं की विक्री होती थी। जांच शुरू होने पर 22 हजार प्रकार की दवाईयां बाजार से गायब हो गई हैं और जांच के बाद अब तक 642 प्रकार की पेस्टीसाइट व दवाएं प्रमाणित पाई गई हैं। इन्हें ही विक्रय करने की अनुमति है।
स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल का दिलाया संकल्प:
केन्द्रीय मंत्री चौहान ने “64वीं अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान कार्यकर्ता गोष्ठी” में मौजूद प्रतिभागियों को स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल का सामूहिक संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिये कटिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि दुनिया की कोई भी ताकत हमें निर्देशित नहीं कर सकती। इसलिये हम सब देश में उपलब्ध स्वदेशी वस्तुएं ही खरीदें और उनका इस्तेमाल करें, इससे देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के किसानों की दलहन उत्पादन की योजना पर टिप्पणी
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के कादीपुर तहसील क्षेत्र के किसानों ने कहा कि गोमती नदी के क्षेत्र में मटर,अरहर अर्थात तुअर और आलू की खेती बड़े पैमाने पर किसान करते थे। मक्का और अरहर की फसल की बुआई एक साथ होती थी। यह किसानों की मुख्य फसल थी लेकिन नीलगायों के चलते किसानों ने मटर, आलू,अरहर और मक्का की खेती लगभग बंद कर दी है। मटर और आलू की भी खेती बड़े पैमाने किसान करते थे। ये दोनों फसल सुअर और नीलगायों के द्वारा क्षति पहुंचाने से किसानों आय घटकर एक चौथाई हो गई है।
किसान अनिल सिंह, संतोष वर्मा, राजेश यादव, राजेंद्र सिंह, भानु सिंह आदि ने बताया कि भारत सरकार को खेतों के किनारे बाड़ या घेराबंदी कराने की विशेष योजना बनानी चाहिए। खेतों के किनारे -किनार तारों से घेरने की योजना नहीं बनाई गई तो उत्पादन कम होकर एक चौथाई हो जाएगा।























