= वह सोचने लगता है हमारे पास चार फैक्ट्रियां होंगी
= हमारे पास चार पार्टनर होंगे और चौथी फैक्ट्री होगी संतुष्टता उत्पादन की:समीर मोदी
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज, 23 जुलाई।
सभी लोग आंख बंद करके “सोचेंगे”। हमारी सबसे बड़ी मुसीबत क्या है? गहरी सांस लेंगे । और सोचेंगे, हमारा मन इस समय बिल्कुल शांत है। हम सोच रहे हैं, सांस को बाहर छोड़ रहे हैं। फिर, हम सोच रहे हैं कि हमारी सबसे बड़ी समस्या का समाधान हो गया है। और हम गहरी सांस लेते समय और गहरी सांस को बाहर छोड़ते समय क्या समस्याओं से मुक्त थे।
और इसके बाद सेमिनार का सन्नाटा तालियों की गड़गड़ाहट से भंग होता है। सैकड़ों लोग देख रहे हैं कि उक्त अभ्यास के बाद उद्योगपति, मोदीकेयर इंडिया का चेयरमैन, अमेरिका से एमबीए की पढ़ाई करने वाले , मोदी ग्रुप के मालिक, मोदीकेयर इंडिया के चेयरमैन मिस्टर समीर मोदी एक-एक व्यक्ति के कान के पास पहुंचकर अपना संदेश दे रहे हैं।
मोदीकेयर इंडिया के चेयरमैन सुल्तानपुर के वृन्दावन होटल में आयोजित सेमिनार को संबोधित करने करने का अंदाज यही था। उन्होंने मंच से कहा: मैं आज तक यही सीखा हूं, हम आंख खुलने से लेकर आंख बंद होने तक जो सोचेंगे। वही,मेरा सपना है। वही आर्थिक आजादी दिलाएगा। वही समय का सम्मान है। वहीं से सपना शुरू होगा।हम वहीं काम करेंगे। वही सपना साकार होगा। वही हम बनेंगे। हिन्दुस्तान जो सोच रहा है, वह हिन्दुस्तान को मिलेगा। हम सभी को मिलेगा। तालियां बज रहीं हैं।
समीर कह रहे हैं,सभी भारतवासियों में आर्थिक आजादी प्राप्त करने की “सोच” पैदा हो। आर्थिक आजादी की पहल करने वाले मोदीकेयर इंडिया के चेयरमैन, मिस्टर समीर मोदी सेमिनार संपन्न होने तक मंच पर से सभी को आर्थिक आजादी मिले, इन दुआओं के भाव से भरे गीत ,गा रहे हैं।





















