=चकबंदी के दौरान अधिकारी जिस तरह का शोषण करते हैं , वैसा ही घरौनी निर्माण के समय भी करेंगे, ग्रामीणों ने जताई आशंक
मीरा प्रवीण वत्स, विशेष संवाददाता नजरिया न्यूज, लखनऊ, 7जुलाई
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण आबादी अभिलेख विधेयक- 2025 को अधिनियमित किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इससे आबादी विवाद कम हो सकेगा। हालांकि चकबंदी अधिनियम का विभाग द्वारा दुरूपयोग करने से किसानों का लगातार शोषण जारी है। किसानों को आशंका है, खरौनी निर्माण के दौरान भी ग्रामीणों का शोषण किया जाएगा। फिलहाल 7जुलाई की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार भारत सरकार द्वारा ग्रामीण आबादी क्षेत्र के विधिमान्यीकरण हेतु ग्रामीण आबादी क्षेत्र के समुचित अभिलेख तैयार करने के लिए, नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से, सर्वेक्षण कर उनके स्वामित्व सम्बन्धी अभिलेख तैयार करने के लिए ‘स्वामित्व’ योजना का शुभारम्भ किया गया है। प्रदेश में अब तक 1,06,46,834 घरौनियां तैयार करते हुए 1,01,31,232 घरौनियों का वितरण किया जा चुका है।
यूपी कैबिनेट का निर्णय 2 : उत्तर प्रदेश ग्रामीण आबादी अभिलेख विधेयक-2025 के माध्यम से घरौनी निर्मित होने के पश्चात् होने वाले वरासत, विक्रय आदि के कारण नामान्तरण अथवा संशोधन तथा किसी लिपिकीय त्रुटि या लोप के सुधार तथा दूरभाष संख्या एवं पतों को अद्यतनीकृत किये जाने के विकल्प का प्राविधान किया गया है- नजरिया न्यूज
’स्वामित्व’ योजना के क्रियान्वयन हेतु उत्तर प्रदेश आबादी सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रिया विनियमावली-2020, दिनांक 08 अक्टूबर, 2020 को प्रख्यापित की गयी। उत्तर प्रदेश ग्रामीण आबादी अभिलेख विधेयक-2025 के माध्यम से घरौनी निर्मित होने के पश्चात् होने वाले वरासत, विक्रय आदि के कारण नामान्तरण अथवा संशोधन तथा किसी लिपिकीय त्रुटि या लोप के सुधार तथा दूरभाष संख्या एवं पतों को अद्यतनीकृत किये जाने के विकल्प का प्राविधान किया गया है।
उत्तराधिकार, रजिस्ट्रीकृत विक्रय विलेख, रजिस्ट्रीकृत उपहार विलेख, सरकार या सरकारी उपक्रम द्वारा की गयी नीलामी, भूमि अधिग्रहण, रजिस्ट्रीकृत वसीयत, न्यायालयीन डिक्री, विभाजन या उपविभाजन तथा लिखित पारिवारिक समझौते के परिणामस्वरूप, घरौनी में आबादी भूखण्ड स्वामी के नाम में परिवर्तन होता है तो उत्तराधिकार के निर्विवाद मामलों में राजस्व निरीक्षक को निर्धारित प्रक्रियानुसार घरौनी में नाम परिवर्तन/नामान्तरण करने हेतु हेतु अधिकृत किया गया है। उक्त श्रेणी से भिन्न अन्य निर्विवाद मामलों में, तहसीलदार/नायब तहसीलदार को घरौनी को अद्यतन करने हेतु अधिकृत किया गया है।























