=कवि सह ज्योतिषाचार्य पंडित जयप्रकाश पांडेय, ख्यातिलब्ध पत्रकार, कवि, साहित्यकार सह राज्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश, वीरेंद्र वत्स, कवि, साहितकार, पत्रकार राजकुमार राज ने अवधी के मूर्धन्य कवि प्रदीपजी की दीर्घायु की कामना की
== साहितकार अशोक कुमार पांडेय की पुस्तक ” एक गुमनाम योद्धा” पर परिचर्चा का भी आयोजन किया गया,सुलतानपुर , प्रतापगढ़ ,जौनपुर आदि जिलों से आए साहित्यकारों का इस अवसर पर समागम उल्लेखनीय रहा
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज, 5 अगस्त। उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर जिले के कादीपुर तहसील निवासी, अवधी भाषा के लोककवि आद्या प्रसाद सिंह प्रदीपजी 81वर्ष के हो गए हैं। मुंबई में निवासरत कवि सह ज्योतिषाचार्य पंडित जयप्रकाश पांडेय, लखनऊ में निवासरत ख्यातिलब्ध पत्रकार, कवि, साहित्यकार सह राज्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश वीरेंद्र वत्स, सुल्तानपुर में निवासरत हिंदुस्तान अख़बार से सेवानिवृत्त पत्रकार, लोकप्रिय गजलकार साहितकार व कवि राजकुमार राज ने अवधी के मूर्धन्य कवि प्रदीप जी की दीर्घायु की कामना की है । स्मरणीय है कि जनपद सुल्तानपुर के वरिष्ठ एवं प्रसिद्ध कवि/साहित्यकार श्री आद्या प्रसाद सिंह ’प्रदीप ’ जी पांच अगस्त 2025को 81वर्ष के हो गए हैं। श्री प्रदीपजी के जन्म दिवस पर पर आयोजित कार्यक्रम में ’एक गुमनाम योद्धा ’ पर परिचर्चा का भी कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
संस्कृत भाषा के ख्यातिलब्ध विद्वान डॉक्टर सुशील कुमार पांडेय साहित्येंदु जी ने उक्त पुस्तक पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया।

अशोक कुमार पांडेय अनहद की पुस्तक “गुमनाम योद्धा” लंबी अवधि तक सुभाषचंद्र बोस के कार्यों पर काम करने के बाद लिखी गई है। बाबू सुभाष चंद्र के अज्ञात कार्यकाल को साहितकार श्री अनहद पुस्तक गुमनाम योद्धा तथ्यों के साथ उद्घाटित करती हैं। दुर्केश सिंह , एक्स सीनियर सब एडिटर दैनिक जागरण, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज।
कार्यक्रम के संयोजक पवन कुमार सिंह ’पवन प्रदीप’ थे।
कार्यक्रम के शुभारंभ में विद्वानों ने अवधी के प्रसिद्ध कवि श्री प्रदीप जी के दीर्घायु होने की कामना की। इस पुनीत अवसर पर विद्वानों का सम्मान भी किया गया। साहितकार अशोक कुमार पांडेय की पुस्तक ” एक गुमनाम योद्धा” पर परिचर्चा का भी आयोजन किया गया।सुलतानपुर , प्रतापगढ़ ,जौनपुर आदि जिलों से आए साहित्यकारों का इस अवसर पर समागम उल्लेखनीय रहा। वहीं प्रदीप जी के 81 वर्ष होने पर जिस पुस्तक ,”एक गुमनाम योद्धा” पर परिचर्चा आयोजित की गई।वह पुस्तक सुभाषचंद्र बोस के अज्ञात जीवन पर रोशनी डालती है। सुभाष बाबू अयोध्या में भी रहे हैं। इस पुस्तक को पढ़ने से सुभाषचंद बोस के गुम जीवन की स्टोरी से पाठकगण अवगत हो सकेंगे।























