- 57 हजार से ज्यादा गांवों में जाति और धर्म का नाम लेते हुए अवैध कब्जों पर अभियान चलाने का दिया था आदेश
अरुण सिंह संवाददाता नजरिया न्यूज लखनऊ, 5अगस्त।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंचायती राज विभाग के जाति और धर्म आधारित विवादास्पद आदेश को रद्द कर दिया है।पंचायती राज विभाग के आदेश में ग्राम सभा की ज़मीन से अवैध कब्ज़ा हटाने के लिए कहा गया था।इस आदेश में एक जाति और एक धर्म विशेष का ज़िक्र था। जानकारी के मुताबिक पंचायती राज विभाग के संयुक्त निदेशक एसएन सिंह की ओर से यूपी के 57 हजार से ज्यादा गांवों में जाति और धर्म का नाम लेते हुए अवैध कब्जों पर अभियान चलाने का आदेश दिया गया था
सीएम योगी ने इस मामले को ‘गंभीर प्रशासनिक चूक’ मानते हुए संबंधित संयुक्त निदेशक एसएन सिंह को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस तरह की भाषा और सोच न केवल शासन की नीतियों के ख़िलाफ़ है, बल्कि समाज में विभाजन पैदा करने वाली है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस तरह की भाषा और सोच न केवल शासन की नीतियों के ख़िलाफ़ है, बल्कि समाज में विभाजन पैदा करने वाली है…
उन्होंने कहा, “अवैध कब्ज़ों के ख़िलाफ़ कार्रवाई पूरी निष्पक्षता, तथ्यों और क़ानून के मुताबिक़ होनी चाहिए, न कि जाति या धर्म के आधार पर।”
गौरतलब है कि बसंयुक्त निदेशक के आदेश के आधार पर बलिया में जिला पंचायत राज अधिकारी ने भी सभी बीडीओ को अभियान चलाने का आदेश जारी कर दिया था। संयुक्त निदेशक और पंचायती राज अधिकारी के आदेश का पत्र जारी होते ही हड़कंप मच गया था। मामला शासन तक पहुंचा। पंचायती राज विभाग के निदेशक ने संयुक्त निदेशक को इसके लिए दोषी माना। मुख्यमंत्री ने संयुक्त निदेशक पर नाराजगी जताई और तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित करने का आदेश दिया ।























