एसडीएम कादीपुर से उम्मीद है कि मामले की जांच कराकर करेंगे समुचित कार्रवाई-त्वरित टिप्पणी
=भूमि को लेकर गोलबंद लोगों के पक्ष या विपक्ष में कैमरे के सामने बोलने के लिए नहीं तैयार हैं ग्रामीण
अधिवक्ता जय कृष्ण पाण्डेय, विधि संवाददाता, नजरिया न्यूज,कादीपुर, सुलतानपुर, 13 जुलाई।
सुल्तानपुर, उत्तरप्रदेश- कादीपुर तहसील क्षेत्र के केशरी प्रसाद पुत्र सीताराम लाल श्रीवास्तव ने नामान्तर बही, फसली वर्ष 1387-1390, पृष्ठ संख्या 217, क्रमांक 3,ग्राम रानीपुर कायस्थ, परगना अल्देमऊ, तहसील कादीपुर ने केसरीप्रसाद बनाम ग्रामसभा, अपील संख्या 1500/372, तारीख फैसला 10 दिसंबर 1982, पारित बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी सुल्तानपुर का फर्जी आदेश दर्शाकर अंकन कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस आशय की शिकायत शासन से की गई है।
उपलब्ध अभिलेख के अनुसार कादीपुर तहसील अन्तर्गत रानीपुर कायस्थ ग्रामसभा की भूमि गाटा संख्या 4, जोत चकबंदी आकार पत्र 41 व 45 में ग्रामसभा की भूमि नवीन परती के खाते में दर्ज है।इसका कोई भी संघटक नम्बर नहीं है। इसी भूमि क्षेत्र के आंशिक भूभाग पर प्राथमिक पाठशाला रानीपुर कायस्थ की बिल्डिंग स्थित है। तत्कालीन राजस्व कर्मी केशरीप्रसाद पुत्र सीताराम लाल श्रीवास्तव ने नामान्तर बही फसली वर्ष 1387-1390, क्षेत्र कादीपुर, पृष्ठ संख्या 217, क्रमांक 3, ग्राम रानीपुर कायस्थ परगना अल्देमऊ तहसील कादीपुर जिला सुल्तानपुर ने मुकदमा केसरी प्रसाद बनाम ग्रामसभा अपील सं.1500/372 तारीख फैसला 10 दिसंबर 1982,पारित बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी सुल्तानपुर का आदेश दर्ज है जबकि आदेश पारित नहीं किया गया है। उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार ग्राम रानीपुर कायस्थ के चकबंदी के रजिस्टर में उक्त नाम की पत्रावली का विवरण दर्ज नहीं है।
नामांतरण बही की तस्वीर -नजरिया न्यूज
एक पक्ष के मुताबिक उक्त भूमि के कुछ अंश की (नाम जाहिर करते हुए) बिक्री कर दी गई। जिनके नाम उक्त भूमि का अंश बिक्री की गई है, उन्हीं के पुत्र
पर आरोप है कि वे भूमाफिया की गोल कायम कर फर्जी अंकन का सहारा लेकर उक्त भूमि की बिक्री करना चाहते हैं। विक्रय हेतु अन्य खातेदारान द्वारा एग्रीमेंट भी हो चुका है।
यह शिकायत प्रार्थना पत्र के माध्यम से शासन से गई है। वहीं राजस्व विभाग सरकारी संपत्ति की वास्तविकता जानने के बाद भी तमाशबीन बना हुआ है। फिलहाल समाचार लिखे जाने तक उक्त आरोपितों पर कार्रवाई की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। राजस्व विभाग और आरोपितों का बयान मिलने पर उनका भी पक्ष प्रकाशित किया जाएगा।
फिलहाल, एसडीएम कादीपुर से उम्मीद है कि मामले को संज्ञान में लेकर समुचित कार्रवाई करेंगे। यह टिप्पणी संबोधित विवादित क्षेत्र के ग्रामीणों की है। सभी लोग दोषी व्यक्ति पर कार्रवाई चाहते हैं लेकिन कैमरे के सामने बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसा लग रहा है कि उक्त मामले में गोलबंद लोगों के पक्ष-विपक्ष में खुले आम ग्रामीण नहीं आना चाहते।





















