— दस्तावेजी जटिलता से मिली राहत, 12 हजार लोगों का सत्यापन पूरा —
कुर्साकांटा (अररिया)। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चल रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत कुर्साकांटा प्रखंड में वोटर सत्यापन की प्रक्रिया अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है। इस बदलाव से ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं को खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और अशिक्षित लोगों को बड़ी राहत मिली है।
कुआड़ी पंचायत के बूथ संख्या-11 के बीएलओ कन्हैया लाल भारती ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले 1987 से पूर्व जन्मे लोगों के लिए जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र या 2003 की मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य था, जिससे आम लोगों को दस्तावेजी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब प्रखंड विकास पदाधिकारी नेहा कुमारी के निर्देश पर इन शर्तों को समाप्त कर दिया गया है।
अब मतदाता आधार कार्ड, फोटो, मोबाइल नंबर या किसी भी वैध पहचान पत्र के आधार पर आसानी से अपना भौतिक सत्यापन करा सकते हैं। इससे न केवल प्रक्रिया आसान हुई है, बल्कि लोगों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
नजरिया न्यूज़ के संवाददाता जब मौके पर पहुंचे और स्थानीय मतदाताओं मोहम्मद सलमान, मोहम्मद शहादत, मोहम्मद फारूक, मिलन देवी, सीता देवी, मोहम्मद कुडूस, मोहम्मद यासीन आदि से बातचीत की, तो सभी ने नए बदलाव पर संतोष जताया।
इनका कहना था कि पहले माता-पिता का नाम, जन्म स्थान और प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती थी, खासकर उन महिलाओं के लिए जिनका मायका और ससुराल अलग-अलग प्रखंडों में था। लेकिन अब यह समस्या नहीं रही।
प्रखंड विकास पदाधिकारी नेहा कुमारी ने बताया कि कुर्साकांटा प्रखंड में कुल लगभग 1 लाख मतदाता हैं, जिनमें से अब तक करीब 12 हजार लोगों का सत्यापन कार्य पूरा किया जा चुका है।
जो लोग मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन सत्यापन नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें प्रखंड कार्यालय बुलाकर संबंधित दस्तावेजों के आधार पर कर्मियों द्वारा पोर्टल पर अपलोड कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सभी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें भौतिक सत्यापन के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रक्रिया को लेकर उत्साह का माहौल है। प्रशासन की इस पहल की चारों ओर सराहना हो रही है और लोग इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं।























