अरुण सिंह, संवाददाता नजरिया न्यूज लखनऊ, 03 जुलाई, 2025।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद द्वारा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तक लिंक एक्सप्रेस-वे के संबंध में महत्वकांक्षी निर्णय लिया गया है।
मंत्रिपरिषद ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तक लिंक एक्सप्रेस-वे हेतु प्रवेश नियंत्रित ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे का व्यय-वित्त समिति द्वारा मूल्यांकित लागत 4775.84 करोड़ रुपये की धनराशि से ईपीसी मोड पर निर्माण कराए जाने का निर्णय लिया है।
ज्ञातव्य है कि इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे (चैनेज 294+230) भलिया ग्राम से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के (चैनेज 6+350) पहांसा ग्राम तक प्रवेश नियंत्रित लिंक एक्सप्रेस-वे के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। एक्सप्रेस-वे की कुल लम्बाई 49.960 कि0मी0 है। एक्सप्रेस-वे का निर्माण 6-लेन चौड़ाई (8-लेन तक विस्तारणीय) में किया जाएगा। सभी संरचनाएं 8-लेन चौड़ाई हेतु निर्मित की जाएंगी।
एक्सप्रेस-वे का निर्माण 120 कि0मी0 प्रति घण्टा डिजाइन स्पीड हेतु प्रस्तावित है। एक्सप्रेस-वे पर यातायात व्यवस्था के सुगम संचालन हेतु एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेण्ट सिस्टम की स्थापना प्राविधानित है। परियोजना हेतु 120 मीटर चौड़ाई का राइट ऑफ वे (आर0ओ0डब्ल्यू) प्रस्तावित किया गया है अर्थात 120 मीटर चौड़ाई में भूमि क्रय/अधिग्रहण किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे के अन्तर्गत 02 दीर्घ सेतु, 20 लघु सेतु, 60 न0 बॉक्स कल्वर्ट, 21 न0 एल0वी0यू0पी0, 16 नं0 एस0वी0यू0पी0, 08 नं0 वी0यू0पी0, 02 न0 रेलवे ओवरब्रिज, 06 न0 फ्लाई ओवर और 05 न0 इण्टरचेंजेज का निर्माण प्रस्तावित है।
परियोजना की सम्पूर्ण लम्बाई में एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर 07 मीटर चौड़ाई में सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे और सर्विस रोड पर निर्धारित विशिष्टयों और मानकों के अनुसार ट्रैफिक साइन बोर्ड, रोड मार्किंग, क्रैश बैरियर, डेलीनेटर्स आदि उपकरणों की स्थापना प्रस्तावित है।
पर्यावरण की दृष्टि से एक्सप्रेस-वे मीडियन में तथा एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर एवेन्यू वृक्षारोपण का कार्य तथा दोनों ओर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की स्थापना प्रस्तावित है। परियोजना के निर्माण के लिए इण्डियन रोड काँग्रेस द्वारा निर्गत नवीनतम कोड के अनुसार विशिष्टियों एवं मानकों का निर्धारण किया गया है। एक्सप्रेस-वे पर यातायात की सुरक्षा की दृष्टि से निर्माण के पश्चात 24X7 आधार पर एम्बुलेंस एवं क्रेन की उपलब्धता हेतु प्राविधान किया गया है। आगणन में निर्माण एजेंसी द्वारा निर्माण के पश्चात अगले 05 वर्षों तक अनुरक्षण का कार्य कराया जाना सम्मिलित है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लखनऊ-प्रयागराज (एन0एच0-30) तथा लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्गों (एन0एच0-27) के आपस में जुड़ जाने से लखनऊ-आगरा-कानपुर-प्रयागराज-वाराणसी-गाजीपुर तक आवागमन सुगम हो सकेगा।
प्रदेश में निर्मित आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस-वे पश्चिम से पूरब दिशा में प्रदेश के मध्य में संरेखित है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे एवं गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे उत्तर-दक्षिण दिशा में संरेखित है। इस प्रकार प्रदेश में एक्सप्रेस-वे की एक ग्रिड अस्तित्व में आ रही है, जो यातायात को प्रदेश के किसी भी कोने तक बाधारहित, त्वरित पहुंच उपलब्ध कराएगी।























