नजरिया न्यूज़, गाजियाबाद।
वर्ल्ड पीस हार्मोनी के चेयरमैन और सैफी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के सीईओ हाजी शकील सैफी के चाचा मुंशी सैफी का मंगलवार रात निधन हो गया। वे 72 वर्ष के थे और पिछले दो हफ्तों से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज चल रहा था, लेकिन तबीयत बिगड़ने के बाद अल्लाह को प्यारे हो गए।
लोनी क्षेत्र के निवासी मुंशी सैफी एक सरल, धार्मिक और समाजसेवी व्यक्ति थे। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। लोगों ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से शोक प्रकट करते हुए मुंशी सैफी के योगदान और व्यक्तित्व को याद किया। बुधवार को उन्हें स्थानीय कब्रिस्तान में हजारों लोगों की मौजूदगी में नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
जनाजे में क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवियों, धार्मिक गुरुओं, राजनेताओं, चिकित्सकों और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। लोगों ने हाजी शकील सैफी और उनके परिवार से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े होने का आश्वासन दिया।
हाजी शकील सैफी ने अपने चाचा की विदाई के अवसर पर कहा, “मुंशी साहब मेरे लिए पिता समान थे। उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहा। उनके चले जाने से जो स्थान खाली हुआ है, वह कभी भरा नहीं जा सकता।”
इस अवसर पर क्षेत्र के कई धर्मगुरुओं ने दुआ की और अल्लाह से प्रार्थना की कि मुंशी सैफी को जन्नत उल-फिरदौस में ऊंचा मकाम अता हो और उनके परिजनों को सब्र-ओ-सकून प्रदान करें।
गाजियाबाद और लोनी क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी क्षति मानी जा रही है। मुंशी सैफी को उनकी सादगी, ईमानदारी और समाज सेवा के लिए हमेशा याद किया जाएगा।























