आसमान छेद करने की कहावत चरितार्थ कर रहीं महिलाएं
बीरेंद्र पांडेय, शिक्षा संवाददाता नजरिया न्यूज किशनगंज, 30मई
कौन कहता है कि आसमां में छेद नहीं हो सकता जरा एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो। इस पंक्ति का आशय है कि दुनिया का कोई भी काम असंभव नहीं है बस बात इतनी सी है कि जो काम जितना कठिन होगा उसमें उतनी ही अधिक मेहनत लगानी होगी। यह बात झरना देवी की बहू बिल्कुल फिट बेठती है।
महिला संवाद कार्यक्रम में पोठिया प्रखंड के मिर्जापुर पंचायत की झरना देवी ने बताया कि मेरी बहू, बीपीएससी से शिक्षक परीक्षा पास की है। उसे शिक्षक भर्ती में महिलाओं को मिल रहे पच्चास प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिला है।वे नौकरी पा कर स्वावलंबित हुई है. परिवार का नाम रौशन किया है। घर की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। मैं भी फूल जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हूं।समूह से ऋण लेकर स्वरोजगार करती हूँ. घर परिवार चलाने में सहूलियत हुई।बहु को पढ़ाया. जिसका परिणाम है कि वे आज शिक्षक की नौकरी कर रही है। महिला संवाद कार्यक्रम, अनुभव साझा करने का मंच बन रहा है। सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर रोजगार, स्वरोजगार करने वाली महिलाएँ, अपना जीवन अनुभव साझा कर रही हैं। इससे संवाद कार्यक्रम में उपस्थित अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो रही हैं।
किशनगंज, बिहार -महिला संवाद कार्यक्रम में जिंदगी संवारने की कहानी बयां कर रहीं महिलाओं का उत्साहवर्धन करतीं महिलाएं -नजरिया न्यूज
मिर्जापुर पंचायत की कृष्णा देवनाथ ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी बेटी सरकारी स्कूल से पढ़ाई की है। पोशाक, छात्रवृत्ति, साइकिल, मध्याह्न भोजन, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का लाभ मिला है। इससे उसे पढ़ाई पूरी करने में सहूलियत हुई।वे उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही है। महिला संवाद कार्यक्रम में ठाकुरगंज प्रखंड के कुकुरबाघी पंचायत की लता सिंह ने, अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे तुलसी जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य है।जीविका से जुड़ कर बैंक सखी के पद पर काम करती है।उन्होंने बताया कि इस कार्य को करके अपनी पहचान बनी है, आर्थिक रूप से स्वावलंबित हुए है।जीविका स्वयं सहायता समूह से हम महिलाओं को तरक्की की राह मिली है। संगठित और स्वावलंबित हुए हैं।संवाद कार्यक्रम में महिलाएं बाल विवाह रोकथाम, दहेज मुक्त विवाह के लिए सामूहिक रूप से शपथ ले रही हैं। बच्चों की शिक्षा, उनके सर्वांगीण विकास को लेकर संकल्प ले रही हैं।महिला संवाद कार्यक्रम, महिलाओं को प्रेरित करने का सशक्त माध्यम बन रहा है।कार्यक्रम में महिलाएं स्वरोजगार के साधन विकसित कर अपने परिवार की आमदनी बढ़ाने को लेकर भी शपथ ले रही हैं। महिला संवाद कार्यक्रम में सरकार की योजना से संबंधित प्रेरणादायी, मनोरंजक वीडियो फ़िल्म दिखा कर महिलाओं को जागरूक किया जा रहा। लीफलेट वितरित कर सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में चलाय जा रहे योजना की जानकारी दी जा रही है। समाज में महिलाओं की सशक्त भागेदारी से ही परिवर्तन लाया जा सकता है।























