- 60 हज़ार से अधिक वंचितों का 30 मई तक बनाया गया आयुष्मान कार्ड
वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज, 30 मई।
स्वास्थ्य को जनाधिकार बनाने की दिशा में किशनगंज जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 26 मई से शुरू हुए विशेष आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड महा-अभियान ने पांच दिनों में 60 हज़ार से अधिक परिवारों तक स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी पहुंचाई है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से यह जन आंदोलन बन चुका है। खास बात यह रही कि केवल 30 मई को ही 12 हज़ार से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए गए, जो अब तक का सर्वाधिक एकदिवसीय आंकड़ा है।
जन-जन तक पहुंचा आयुष्मान भारत: गांव से शहर तक शिविरों में उमड़ी भीड़
जिले भर के 125 पंचायतों में चल रहे शिविरों में लोगों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। सुबह से ही पंचायत सरकार भवन, स्कूल प्रांगण और सामुदायिक स्थलों पर लगी कतारें इस बात की गवाही दे रही हैं कि अब ग्रामीण भारत भी स्वास्थ्य अधिकार को लेकर सजग हो चुका है। जागरूकता अभियान में ई-रिक्शा रथ, माइकिंग, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही। इन शिविरों में व्यक्तिगत सहायता, दस्तावेज़ सत्यापन और ऑन-द-स्पॉट कार्ड निर्माण की सुविधा ने आम जनता का भरोसा जीता।
अब तक की प्रगति: हर दिन नए कीर्तिमान
डीपीसी पंकज कुमार ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत 24 मई से हुई थी, जब 1,558 कार्ड बने। इसके बाद 25 मई को 4,154, 26 मई को 9,409, 27 मई को 13,641, 28 मई को 14,848 और 30 मई को रिकॉर्ड 12 हज़ार से अधिक कार्ड बनाए गए। आज, 31 मई को खबर लिखे जाने तक 9 हज़ार से ज्यादा कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे कुल आंकड़ा 60 हज़ार पार कर चुका है।
“हर पात्र व्यक्ति को कार्ड मिले, यही हमारी प्राथमिकता”
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा, “आयुष्मान भारत योजना गरीब और वंचित वर्ग के लिए जीवन रक्षा का कवच है। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी पात्र व्यक्ति को यह सुविधा मिले बिना न रहे। आशा, आंगनबाड़ी, जीविका और स्वास्थ्य विभाग की टीम दिन-रात अभियान की सफलता में लगी हुई है।”

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विस्तारित हुआ अभियान, 30 मई तक बढ़ाया गया समय
डीपीएम डॉ मुनाजिम ने कहा कि जिलाधिकारी विशाल राज के निर्देश पर इस अभियान को 30 मई तक बढ़ाया गया था। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर बेहतर समन्वय बनाकर शेष बचे लाभुकों को हर हाल में कार्ड दिलाया जाए। साथ ही उन्होंने जिलेवासियों से अपील की, “यह योजना हर परिवार को 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करती है। सभी पात्र नागरिक नजदीकी शिविर में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना गोल्डन कार्ड अवश्य बनवाएं।”
आयुष्मान कार्ड से जुड़ने के लाभ: इलाज अब बोझ नहीं, हक है
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया कि इस योजना के तहत एक परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मिलता है। कैंसर, हृदय रोग, किडनी ट्रांसप्लांट जैसे गंभीर बीमारियों का उपचार अब आमजन के लिए भी संभव है। 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए विशेष ‘वय वंदना कार्ड’ की सुविधा भी चलाई जा रही है, जिससे वे प्राथमिकता के आधार पर लाभ पा सकें।
जन-भागीदारी से बनेगा रिकॉर्ड, लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ता किशनगंज
जिला कार्यक्रम समन्वयक पंकज कुमार ने बताया कि तीन दिनों में एक लाख से अधिक कार्ड निर्माण का लक्ष्य तय किया गया था, जिसके अनुरूप सभी विभाग सामूहिक प्रयास कर रहे हैं। इस अभूतपूर्व जनसहभागिता और प्रशासनिक समर्पण से किशनगंज बिहार ही नहीं, देश के सफलतम जिलों में एक बन सकता है। उन्होंने बताया कि अब वक्त है जागने का, जुड़ने का और अपने स्वास्थ्य के अधिकार को हासिल करने का। अगर आपने अभी तक अपना आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाया है, तो निकटतम शिविर में जाकर यह पांच लाख रुपये मूल्य का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा की योजना आयुष्मान कार्ड बनवाएं।























