कटाव और जानमाल से सुरक्षा तथा संरक्षण को डीएम ने किया रेखांकित
बीरेंद्र पांडेय, शिक्षा संवाददाता किशनगंज, 22मई।
बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन सतर्कता, तैयारी और सामूहिक प्रयासों से इससे होने वाली क्षति को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से पूरी प्रतिबद्धता एवं तत्परता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी विशाल राज ने टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ पूर्व तैयारियों की गहन समीक्षा करते हुए अंचल टेढ़ागाछ का दौरा किया । इस अवसर पर जिलाधिकारी ने क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील एवं बाढ़ प्रभावित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया।
टेढ़ागाछ अंचल अंतर्गत निम्नलिखित प्रमुख बाढ़ कटाव स्थलों:1. सुहियां हाट, चिल्हनियां,2. धापरटोला,3. देवरी खास में नदियों के कारण कटाव की स्थिति का अवलोकन किया।
जिलाधिकारी ने इस मौके पर उपस्थित कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, किशनगंज को स्पष्ट निर्देश दिया कि जहां-जहां कटावरोधी कार्य शेष हैं, उन्हें शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर कटाव की प्रवृत्ति अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर स्थाई एवं प्रभावी कटावरोधी उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि संभावित आपदा की स्थिति में जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।
बिहार, किशनगंज -टेढ़ागाछ प्रखंड में नदी से कटाव क्षेत्र का निरीक्षण करते डीएम किशनगंज श्री विशाल राज -नजरिया न्यूज
गोदाम व आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा, बाढ़ पूर्व तैयारियों की सीओ से मांगी रिपोर्ट – निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री राज ने अंचल कार्यालय टेढ़ागाछ के सरकारी गोदाम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रखे गए राहत सामग्रियों की मात्रा, गुणवत्ता, साफ सफाई एवं प्रबंधन की विस्तार से समीक्षा की। अंचलाधिकारी को निर्देशित किया गया कि बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करें तथा सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
प्रखंड स्तर पर बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर विशेष बैठक का आयोजन अतिशीघ्र किया जाए
– जिलाधिकारी ने श्री राज ने अंचलाधिकारी को निर्देशित किया कि प्रखंड स्तर पर बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर विशेष बैठक का आयोजन अति शीघ्र किया जाए। इस बैठक में संबंधित विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित कर आपसी समन्वय के साथ कार्य योजना तैयार की जाए।
बाढ़ आश्रय स्थल का निरीक्षण – निरीक्षण के क्रम में चिल्हनियाँ पंचायत स्थित बाढ़ आश्रय स्थल का भी जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने वहां की स्थिति को देखकर साफ-सफाई एवं मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आश्रय स्थल को इस प्रकार तैयार किया जाए कि आपदा की स्थिति में लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बिहार – किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड में नदियों से जारी कटाव को देखते डीएम श्री विशाल राज व मौजूद पूर्व प्रखंड प्रमुख सहित अन्य ग्रामीण व जनप्रतिनिधिगण -नजरिया न्यूज
कार्य आरंभ करने का निर्देश – जिलाधिकारी द्वारा बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग को यह भी निर्देश दिया गया कि ऐसे सभी स्थानों की पहचान की जाए, जहां अब तक कटावरोधी कार्य प्रारंभ नहीं हो पाए हैं या जहां नई समस्याएं उभर रही हैं। इन स्थलों पर कार्य योजना तैयार कर अविलंब कार्य प्रारंभ किया जाए, ताकि किसी भी स्थिति से निपटने में प्रशासन पूरी तरह सक्षम रहे।
इस निरीक्षण कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन पदाधिकारी आदित्य कुमार, अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित प्रखंड स्तर के अन्य पदाधिकारी एवं तकनीकी कर्मी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन सतर्कता, तैयारी और सामूहिक प्रयासों से इससे होने वाली क्षति को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने सभीh संबंधित अधिकारियों से पूरी प्रतिबद्धता एवं तत्परता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।























