गणित- एक-एक शिक्षक पद के लिए कम-से-कम 75-75 अभ्यर्थी होंगे: सपा
= कुल 01 करोड़,44 लाख 75 हजार शिक्षक पद के होंगे अभ्यर्थी : सपा
= तीन-तीन मतदाताओं को प्रभावित करेगा शिक्षक पद पर एक नियुक्ति नहीं होने का मामला: सपा
अरुण सिंह, संवाददाता नजरिया न्यूज लखनऊ, 22मई।
उत्तर प्रदेश में 1,93,000 शिक्षक पद पर नियुक्ति करने में भाजपा असफल रही तो 2027 के आम चुनाव में सपा की सरकार बनेगी। यह बात सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कही। सपा सुप्रीमो भविष्य की घटनाओं पर आधारित गणित मीडिया को बयान जारी करके बता रहे थे। बयान के मुताबिक 1.73 लाख शिक्षकों के पद पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति में भाजपा सरकार असफल रही तो 4.34करोड़ अभ्यर्थी प्रभावित होंगे। इस प्रकार प्रभावित 4,34,25,000 शिक्षक अभ्यर्थियों को यूपी के मतदाता मानकर अगर 403 विधानसभा सीटों से विभाजित कर दें तो ये आँकड़ा लगभग 1,08लाख वोट प्रति सीट का आएगा।
उन्होंने कहा,और अगर इनमें आधा भी भाजपा का वोटर मान लें तो लगभग 1,08,000 का आधा, मतलब हर सीट पर 54,000 मतों का नुक़सान भाजपा को होना तय है।
सपा सुप्रीमो श्री अखिलेश ने कहा: ऐसी परिस्थिति में भाजपा 2027 के विधानसभा चुनावों में दहाई सीटों पर ही सिमट जाएगी।
उन्होंने कहा:
ये मानसिक दबाव का नहीं वरन सियासी सच्चाई का आँकड़ा है। उन्होंने 2027 में भाजपा का मत कम होने का और कई कारणों को बताते हुए कहा,किसानों- मज़दूरों की बेकारी; युवाओं की बेरोज़गारी परिवारवालों के लिए खानपान, दवाई, पढ़ाई, पेट्रोल-डीज़ल और हर चीज़ की महंगाई,महिलाओं का अपमान और असुरक्षा, हर काम में भ्रष्टाचार,पीडीए का उत्पीड़न और पीडीए पर अत्याचार,भाजपा में डबल इंजन की टकराहट, भाजपा राज में ‘सत्ता सजातीय’ पक्षपात,भाजपा में दो फाड़, कमीशनखोर अधिकारियों को बचाने की साज़िश,सच्चे अधिकारियों के परिवारों पर व्यक्तिगत हमला,
त्वरित टिप्पणी -भाजपा समर्थक शिक्षाविदों का कहना है कि शिक्षक ही नहीं, तमाम खाली पद यथावत रहे तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता पर प्रभाव पड़ेगा लेकिन कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ईमानदारी से उनकी ख्याति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
-बुद्धिजीवियों और पत्रकारों पर एफ़आइआर और उनकी गिरफ़्तारी,विपक्ष पर झूठे मुक़दमे, झूठे एनकाउंटर का डर- केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग,
पुलिस का भ्रष्टीकरण,शिक्षक, शिक्षामित्र, आशा, आंगनबाड़ी, सहायिका, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की उपेक्षा और अवहेलना के विनाश के लिए 2027में यूपी के मतदाता सरकार की सरकार बनाएंगे।
खरबपतियों के फ़ायदे के लिए नियम-क़ानूनों को तोड़ना मरोड़ना, छोटे दुकानदारों, व्यापारियों, कारोबारियों, कारखाने वालों का जीएसटी के नाम पर शोषण और वसूली,
– वर्क-लाइफ़ बैलेंस बिगाड़कर एम्प्लॉयीज़ का शोषण,
– असुरक्षित क्षेत्र में अस्थायी काम करनेवाले डिलीवरी पर्सन, ड्राइवर या अन्य को कोई भी सामाजिक सुरक्षा न मिलना भी सरकार बदलने का कारण बनेगा ।
– बीमा पर टैक्स वसूलना,
– जनता की बचत पर मिलनेवाले ब्याज का कम होना और उस पर भी टैक्स वसूलना,कलाकारों की अभिव्यक्ति पर डर की तलवार,स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, जल व विद्युत आपूर्ति की दुर्दशा और लगातार बढ़ता बिल भी 2027में होने वाले विधानसभा चुनाव में हार-जीत का कारण सपा सुप्रीमो, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मान रहे हैं। फिलहाल 2027 का चुनाव अभी दूर है। आज के असंतोष का 2027 के विधानसभा चुनाव पर प्रभाव की विवेचना करनी जल्दबाजी होगी। वैसे भाजपा समर्थक शिक्षाविदों का कहना है कि शिक्षक ही नहीं, तमाम खाली पद यथावत रहे तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता पर प्रभाव पड़ेगा लेकिन कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ईमानदारी से उनकी ख्याति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।























