पाकिस्तानी फौज का प्रमुख भी आतंक की भाषा बोल रहा है, उसे भी उसी भाषा में दिया जाना चाहिए जवाब, लोगों ने दी श्रद्धांजलि
कादीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे सपा नेता भगेलू राम भी गरजे, पाकिस्तानी सेना का प्रमुख बोल रहा चरमपंथियों की भाषा
शुभम सिंह वत्स, नजरिया न्यूज संवाददाता जौनपुर,23अप्रैल
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए पर्यटकों और सुरक्षाकर्मियों की आत्मा की शांति के लिए बुधवार को सुल्तानपुर और जौनपुर जिले में जगह-जगह श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। ग्राम प्रधानों ने चरमपंथियों को उसी भाषा में जवाब देने का प्रस्ताव रखा जिस भाषा को चरमपंथियों और आतंक भाषा बोल रहे पाकिस्तानी सेना के प्रमुख समझते हो।
जुलूस निकालकर भी घटना की निंदा की गई। साथ ही लोगों ने आतंकी घटनाओं पर चरमपंथियों को उन्हीं की भाषा जवाब देने की मांग सरकार से की है। सपा के नेता और कादीपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रहे भगेलूराम ने कहा कि चरमपंथी वारदात से पहले पाकिस्तानी सेना के प्रमुख ने आग उगली थी।

फफक-फफक कर गृह मंत्री अमित शाह को चरमपंथियों की वारदात की जानकारी देते चरमपंथी घटना में मारे गए मृतकों के परिजन
=अमित शाह ने कहा है कि जो भी इस घटना का जिम्मेदार है उसे छोड़ा नहीं जाएगा और उन्हें पूरी ताक़त के साथ जवाब दिया जाएगा..
ऐसे आतंकपरस्त आतंकवादियों को भी उनसे कठोर भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए।
ग्राम प्रधान भैसौली अरविंद सिंह,मेवपुर के ग्राम प्रधान अब्दुल हई आजाद, कसियापुर ग्राम प्रधान अनवर अली, सरणसी के ग्राम प्रधान राना सिंह, सोधनपुर निवासी सोशल एक्टिविस्ट राम उजागिर सिंह, ग्राम प्रधान समोधपुर प्रताप यादव, ग्राम प्रधान भटौटा भानु प्रताप सिंह, ग्राम प्रधान साकरदे कमलेश निषाद, ग्राम प्रधान भूपतपुर नाटे सिंह,प्रधान समोधपुर संजय सिंह, कंम्मरपुर के प्रधान मनोज मिश्र,बांगरकलां के प्रधान योगेंद्र विश्वकर्मा, तवक्कलपुरनगर के ग्राम प्रधान रंजना श्रीवास्तव आदि ने कहा कि निहत्थों पर हमला करने वाले चरमपंथियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए। चरमपंथियों को शरण देने वाला पाकिस्तानी सेना का प्रमुख आतंक की भाषा बोल रहा है, उसे भी उसी की भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए।भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में कहा था,हे अर्जुन! रणभूमि में युद्ध के लिए खड़े भीष्म पितामह और गुरु द्रोणाचार्य के प्रति मोह कायरता है। द्रौपदी के चीरहरण के समय ये सभी मौनदर्शक थे।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर में हम हिंदुस्तानी परिवार की संयुक्त पहल पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। छात्रों ने शहीदों के प्रति संवेदना व्यक्त की।























