सरपतहां थाना क्षेत्र के उसरौली निवासी अनिल उपाध्याय ने उप जिलाधिकारी शाहगंज से लगाई गुहार
शुभम सिंह
नज़रिया न्यूज संवाददाता, जौनपुर,16अप्रैल।
सेवा में श्रीमान उपजिलाधिकारी महोदय शाहगंज जौनपुर ।मैं सरपतहां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत उसरौली का स्थाई निवासी हूं।बाबा-आजा की आबादी की संपत्ति का बंटवारा सामाजिक समझौते में लिखित से हुआ है। तदानुसार प्रतिवादी ने भूमि पर कब्जा कर रखा है। अब और अधिक भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। वहीं पीड़ित को समझौते की भूमि पर कब्जा करने से प्रतिवादी द्वारा रोका जा रहा है।
पीड़ित वादी उसरौली निवासी श्री अनिल ने एसडीएम को संबोधित आवेदन में लिखा है, “मैं आतंकित हूं । प्रतिवादी भूमाफिया की तरह कार्य कर रहा है।समझौते से अधिक भूमि पर कब्जा कर रहा हैं। मेरे मकान की नींव से सटकर मेरी गैरमौजूदगी में पिलर की नींव खोद ली है”।
पीड़ित द्वारा उपजिलाधिकारी शाहगंज को जानकारी दी गई है कि “सामाजिक समझौते के अनुसार प्रतिवादी की आबादी उनके मकान के पीछे एक लाठा दक्षिण के बाद है। उस भूमि पर समझौते के बाद वादी ने गोशाला बनवा लिया है। उस पर मुझे कोई आपत्ति भी नहीं है”।
वादी अनिल उपाध्याय ने एसडीएम शाहगंज को अवगत कराया है कि “प्रतिवादी की गौशाला के उत्तर दिशा में शेष बची एक लाठा की आबादी यथावत रखनी है। लेकिन,इसी भूमि पर मेरे मकान से एकदम सटाकर पीलर की नींव मेरी गैरमौजूदगी में प्रतिवादी ने खोद लिया है”।
गौरतलब है कि सामाजिक समझौते में अनिल उपाध्याय को जो भूमि दी गई है,उस पर कब्जा करने से भी भी प्रतिवादी पीड़ित को रोक रहा है। जिससे वादी अनिल उपाध्याय आतंक में जीने को विवश हैं।
उन्होंने एसडीएम को संबोधित आवेदन में गुहार लगाई है:
“महोदय से सविनय निवेदन है कि उनके मकान से सटकर खोदा गया गड्ढा पटवाने की कृपा की जाए। सामाजिक समझौते का उलंघन प्रतिवादी ने किया है। इसलिए प्रतिवादी पर भू माफिया एक्ट, उत्तर प्रदेश के तहत कार्रवाई करवाने की कृपा की जाए”।
उल्लेखनीय है कि पीड़ित वादी अनिल उपाध्याय फ्रीलांसर हैं।
वे नजरिया न्यूज में पूर्वांचल से लिखते हैं। कानूनी कार्रवाई में पूरा विश्वास रखते हैं





















