अनिल उपाध्याय/संदीप सिंह, नजरिया न्यूज ब्यूरो,02मार्च
अमेरिकन यूनिवर्सिटी को मेथोडिस्ट बिशप जॉन फ्लेचर हर्स्ट के आग्रह पर 1893 में कांग्रेस के एक अधिनियम द्वारा चार्टर्ड किया गया था , जिन्होंने एक ऐसा संस्थान बनाने की मांग की थी जो सार्वजनिक सेवा , अंतर्राष्ट्रीयता और व्यावहारिक आदर्शवाद को बढ़ावा दे ।
ऐसी चर्चाएं जौनपुर जिले का विकसित क्षेत्र कहलाने की हैसियत रखने वाला जिला पंचायत क्षेत्र का वार्ड संख्या 15के इलाके में हो रही है। यह वार्ड विकास खंड सुइथाकलां की कई ग्राम पंचायतों को नेतृत्व प्रदान करता है।
जौनपुर जिला परिषद के वार्ड क्षेत्र 15 के विकास की एक कहानी :
अच्छेलाल बिन्द, सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। ग्राम पंचायत मदारीपुर भेला के निवासी हैं। बीटीसी के बाद 1980 में शिक्षक बने।
30जून 2011में सेवानिवृत्त हुए।जब वे 1980में शिक्षक बने तो प्रथम वेतन लगभग 515 रुपये मिले थे । आज 2025में उन्हें 28000रुपये पेंशन हर महीने मिल रही है। क्या भारत समृद्धि के मामले में अमेरिका के समकक्ष खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि एक समय मेरी हैसियत 20रुपये की साइकिल भी खरीदने की नहीं थी। जितने वर्ष का अमेरिका है, उतने वर्ष का भारत होगा तो पांच अमेरिका से भी अधिक समृद्ध होगा।
जौनपुर -अमेरिका जितने वर्ष का है, उतने वर्ष का भारत जिस समय होगा, उस समय भारत , अमेरिका से कई गुना अधिक समृद्ध होगा: सेवानिवृत्त शिक्षक अच्छेलाल बिंद, मदारीपुर भेला
- हमारी संस्कृति मानव जाति का कल्याण है। अमेरिका मानवता के क्षेत्र में मेरा मुकाबला नहीं कर सकता..
- 2025जैसा महाकुंभ अमेरिका नहीं आयोजित कर सकता। शिक्षक और ज्ञान पर अधिक राशि इंवेस्टमेंट करके विश्व के अभिभावकों को हमारा देश आकर्षित कर सकता है…
आवश्यकताएं कम होने के चलते भारत के लोग विकसित देशों से अधिक संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ 2025 जैसा आयोजन इसका इसका उदाहरण है। संस्कृति और ज्ञान किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। संस्कृति विश्व को लेकर चलने वाली है। ज्ञान के क्षेत्र में देश को अधिक ध्यान देने की जरूरत है। इस क्षेत्र का बजट दोगुना होना चाहिए। शिक्षकों इतना सम्मान और वेतन मिले कि हर युवा शिक्षक बनने की तैयारी करे। विश्व का हर देश अपने बच्चों को भारत में पढ़ाने का सपना देखे।
एक सवाल पर सेवानिवृत्त शिक्षक अच्छेलाल बिन्द ने बताया :
मेरा छोटा नाती अमित कुमार इनकम टैक्स अफसर हैं। पवई के रहने वाला है। बंगलौर में पोस्टेड है। उसकी मम्मी आंगनबाड़ी में हैं। पापा की किराना की दुकान है।वे एमएससी हैं। सरकारी शिक्षक बनना उन्होंने पसंद नहीं किया।
बड़ा नाती संदीप कुमार बीटेक करने के बाद बिजली विभाग में एसडीओ पद पर चयनित हुआ। आज अधिशासी अभियंता हैं। उत्तर प्रदेश ही तैनात है।
ओम प्रकाश मेरा भतीजा है। विद्युत विभाग में डायरेक्टर का दायित्व निर्वहन कर रहा है।इनके लड़का दो फरवरी को आईएएस का इंटरव्यू दिया है।
रविन्द्र बिन्द मेरा बड़ा लड़का है। वह जिला पंचायत सदस्य है। वार्ड संख्या 15 का नेतृत्व करता थे। बतौर शिक्षक बच्चों को पढ़ाने में बहुत मेहनत करता था
मेरा मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अधिक निवेश करके विश्वस्तरीय शिक्षकों का हब भारत बन सकता है। सेवा और ज्ञान की मांग हमेशा बनी रहेगी























