उत्तर प्रदेश सरकार से युवा ऐसा बजट चाहते हैं जिससे मंहगाई का वे सामना कर सके
=9-10 युवाओं को रोजगार देने सक्षम उद्यमी 3-4 सौ रुपये की दर से युवाओं को महीने में कर रहे हैं भुगतान, मंहगाई की दर से यह राशि है नाकाफी
= बजट ऐसा होना चाहिए कि ग्राम पंचायतें रोजगार सृजन करने में सक्षम हो सके, उद्यमियों को प्रोत्साहन मिल सके
= संदीप सिंह, संवाददाता नजरिया न्यूज कादीपुर, 10फरवरी
विकास खंड क्षेत्र करौदीकलां के ग्राम पंचायत सकरदे में सबसे निकट की पक्की सड़क से तीन और सड़कों के निर्माण हो जाने से सभी टोलों तक चार पहिया वाहनों का आवागमन सुगम हो जाएगा।यह जानकारी ग्राम प्रधान कमलेश निषाद ने दी। वे उत्तर प्रदेश सरकार के संभावित बजट पर मीडिया में वायरल हो रही खबरों पर ग्राम सभा सदस्यों के बीच जारी विमर्श की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने एक सवाल पर कहा कि पृथ्वी लोक पर सबसे कीमती चीज “जरूरत”है। उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में ऐसा प्रावधान होना चाहिए जिससे ग्राम पंचायतों ग्राम सभा के प्रत्येक बेरोजगार सदस्यों तथा जरुरतमंदों की आवश्यकताओं को पूर्ति की सके।
ग्राम पंचायत साकरदे में 20फरवरी को पेश होने वाले बजट की हो रही चर्चा
प्रदेश सरकार द्वारा 20 फरवरी को पेश किए जाने वाले वर्ष 2025-26 के बजट से राज्य की जनता को ढेरों उम्मीदें हैं।यह बताते हुए प्रधान कमलेश निषाद ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि वित्त विभाग के अनुमानों को सही माना जाए तो इस नये बजट में 2.25 लाख करोड़ रुपये प्रदेश सरकार विकास कार्यों पर खर्च करने के लिए दे सकती है। विकास कार्यों के लिए मिलने वाली यह धनराशि चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में आवंटित विकास कार्यों के बजट से करीब 22 हजार करोड़ रुपये अधिक होगी।
ग्राम पंचायत साकरदे में मुख्य सड़क से ग्राम प्रधान के टोला को जोड़ने वाली ग्राम पंचायत सड़क -नजरिया न्यूज
यह भी कहा जा रहा है कि
मध्यकालीन राजकोषीय पुन: संरचना नीति के तहत वित्त विभाग ने 2025-26, 2026-27 और 2027-28 तक के सिए राज्य के बजट का वर्षवार आकंड़ा अनुमानित किया है। जिसमें एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष 2025-26 का कुल बजट करीब 8.10 लाख करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है। कुल बजट का यह आंकड़ा चालू वित्तीय वर्ष के मूल बजट यानी 7.36 लाख करोड़ रुपये से करीब 74 हजार करोड़ रुपये अधिक है।
ग्राम प्रधान कमलेश निषाद ने कहा कि उनके ग्राम पंचायत में युवाओं के पास ऐसा रोजगार नहीं है जिससे वे मंहगाई का सामना कर सके। जिनके पास 10युवाओं को रोजगार देने की क्षमता है वे भी तीन-चार सौ रुपये की दर से महीने में भुगतान कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बजट में रोजगार देने वाले उद्यमियों तथा ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। सभी लोग मंहगाई का सामना कर सके। यही आज की सबसे बड़ी जरूरत है।























