• Latest
  • Trending
  • All
  • News
  • Business
  • Politics
  • Science
  • World
  • Lifestyle
  • Tech
लखनऊ -तमिल लोक साहित्य का ‘आलोक’: प्रस्तुति -गौरव अवस्थी

लखनऊ -तमिल लोक साहित्य का ‘आलोक’: प्रस्तुति -गौरव अवस्थी

February 4, 2024
किशनगंज, बिहार -बलदिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डीएम ने की प्रशंसा

किशनगंज, बिहार -बलदिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डीएम ने की प्रशंसा

May 1, 2026
बीडीओ का औचक निरीक्षण, स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था पर कसा शिकंजा।

बीडीओ का औचक निरीक्षण, स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था पर कसा शिकंजा।

May 1, 2026
टास/आईडीए इम्पैक्ट सर्वे गतिविधि संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन

टास/आईडीए इम्पैक्ट सर्वे गतिविधि संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन

May 1, 2026
बेख़ौफ अपराधियों का तांडव; दिनदहाड़े थाना से लगभग 100 मीटर की दूरी पर युवक को मारी गोली

बेख़ौफ अपराधियों का तांडव; दिनदहाड़े थाना से लगभग 100 मीटर की दूरी पर युवक को मारी गोली

May 1, 2026
एईएस से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल का निर्देश

एईएस से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल का निर्देश

May 1, 2026
सहरसा में बिहार का पहला ‘शंकर आई हॉस्पिटल’ शुरू, अब स्थानीय स्तर पर मिलेगा अत्याधुनिक नेत्र इलाज

सहरसा में बिहार का पहला ‘शंकर आई हॉस्पिटल’ शुरू, अब स्थानीय स्तर पर मिलेगा अत्याधुनिक नेत्र इलाज

May 1, 2026
सहरसा में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, कार्यकर्ताओं से मुलाकात, बंगाल चुनाव पर ममता सरकार पर साधा निशाना

सहरसा में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, कार्यकर्ताओं से मुलाकात, बंगाल चुनाव पर ममता सरकार पर साधा निशाना

May 1, 2026
मकई के खेत में महिला की गला रेतकर हत्या, इलाके में फैली सनसनी

मकई के खेत में महिला की गला रेतकर हत्या, इलाके में फैली सनसनी

May 1, 2026
अररिया – जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिले के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण, 25 शिक्षक अनाधिकृत रूप से पाए अनुपस्थित, होगी कार्रवाई

अररिया – जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिले के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण, 25 शिक्षक अनाधिकृत रूप से पाए अनुपस्थित, होगी कार्रवाई

May 1, 2026
अररिया – जिलाधिकारी की पहल पर असहाय पीड़िता को मिला तमिलनाडु से जारी मृत्यु प्रमाण-पत्र

अररिया – जिलाधिकारी की पहल पर असहाय पीड़िता को मिला तमिलनाडु से जारी मृत्यु प्रमाण-पत्र

May 1, 2026
सौतन ने रची हत्या की साजिश, अररिया पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

सौतन ने रची हत्या की साजिश, अररिया पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

May 1, 2026
बिजली विभाग को 1.38 लाख से अधिक की क्षति, अज्ञात चोरों के खिलाफ थाना में मामला दर्ज

बिजली विभाग को 1.38 लाख से अधिक की क्षति, अज्ञात चोरों के खिलाफ थाना में मामला दर्ज

May 1, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Friday, May 1, 2026
  • Login
NAJARIA NEWS
  • Home
  • बिहार न्यूज़
    • अररिया न्यूज़
    • पुर्णिया
    • किशनगंज
  • झारखण्ड
    • रांची
    • दुमका
  • उत्तर प्रदेश
    • लखनऊ
    • अयोध्या
    • सुल्तानपुर
    • जोनपुर
  • धर्म
    • धार्मिक
  • कैरियर
  • Video News
  • E-Paper
No Result
View All Result
NAJARIA NEWS
No Result
View All Result
Your text

लखनऊ -तमिल लोक साहित्य का ‘आलोक’: प्रस्तुति -गौरव अवस्थी

by Kumar Shrivastav
February 4, 2024
0
लखनऊ -तमिल लोक साहित्य का ‘आलोक’: प्रस्तुति -गौरव अवस्थी
Share on FacebookShare on Twitter
Post Views: 109

कपिल देव सिंह, नजरिया न्यूज ब्यूरो, लखनऊ, 03फरवरी।

लोक साहित्य किसी भी भाषा, प्रांत या जाति का हो, उसमें माटी की सुगंध समाहित ही होती है। साहित्य को निखारने में लोकगीत, लोकभाषा, लोकोक्तियां, लोककथाएं और लोक शब्दावली का विशेष योगदान होता है। एक तरह से साहित्य की परंपरा का श्रीगणेश ही लोक साहित्य से होता है। लोक साहित्य का अर्थ ही है- लोक में रचा-बसा और गुंथा हुआ। लोक साहित्य वही है, जिसमें आंचलिक संस्कृति, रहन-सहन, आचार व्यवहार, जीवन-यापन प्रतिबिंबित हो। कल्पनिकता के तत्व रंचमात्र न हों। त्योहार, ऋतु परिवर्तन, सामाजिक यथार्थ, खेत-खलिहान हर जगह लोकगीत ही गूंजते हैं। दैनंदिन जीवन एवं मन में उमड़ने-घुमड़ने वाले भाव ही लोक साहित्य की लिखित-अलिखित संपदा होते हैं।
द्रविड़ परिवार की मुख्य भाषा तमिल का लोक साहित्य बहुरंगी है। तमिल साहित्य का ज्ञात इतिहास दो हजार साल पुराना है। लोक साहित्य इससे भी अधिक पहले का है। माना जाता है कि तमिल के लोकगीत तमिलनाडु के पहाड़ों और नदियों के जितने ही पुराने हैं। वह जीवन रस से इस कदर लबालब भरे हुए हैं कि आज तक पुराने नहीं पड़े। इनमें तमिल प्रजा की आंतरिक आकांक्षाओं, मनोवेदनाओं, हर्ष-शोक, राग-द्वेष, सुख-दुख और वासनाओं का प्रतिबिंब नजर आता है।
एट्टुथोगै, पतिनेन -कीलकनक्कु आदि काव्य संग्रहों से सिद्ध होता है कि वे किसी मौखिक परंपरा के अविस्मरणीय गीतों के वर्गीकृत एवं लिपिबद्ध संकलन हैं। संगम काल के पूर्व ऐसे तमाम लोकगीत वाचिक परंपरा में ही तमिल प्रदेश में काल-दर-काल गाए जाते रहे। तमिल लोकगीतों का संग्रह यूरोपीय विद्वानों द्वारा शुरू किया गया| परंपरावादी विद्वानों ने इसे हेय दृष्टि से देखा लेकिन अब उनकी स्वीकृति साहित्य के महत्वपूर्ण अंग के रूप में हो चुकी है। लोकगीतों और लोक कथाओं का समावेश विद्यालयों के पाठ्यक्रम में भी किया जाने लगा है। इतना ही नहीं लोक साहित्य पर विश्वविद्यालयों में अनुसंधान भी शुरू हो चुका है।
तमिल में लोकगीत ‘नाट्टुपुरप्पाडल’ नाम से प्रचलित है। इलांगो अडिगल के चिलप्पादिकारम नामक संकलन में समुद्र तटीय, शिकारियों, ग्वालिनों और पहाड़ी प्रदेशों की किरात बालाओं के गीतों का क्रमबद्ध संचयन पाया जाता है। तमिल के प्रमुख कवि इलगी ने अपने महाकाव्य के 30 सर्गों में 4 सर्ग केवल लोकगीतों में ही रचे। उन्होंने अपने इन गीतों में कावेरी मछुआरों, शिकारी वर्ग का जीवन, गाय चराने वाले बालक- बालिकाओं की भावनाओं को ही मुख्यतः अभिव्यक्त किया है। उन्होंने दक्षिण भारत की भक्ति मुरुक, कार्तिकेय की भक्ति, खेत खलिहान, राजा की कीर्ति आदि के संदर्भों को भी अपने गीतों में स्थान दिया। इसीसे उनका महाकाव्य आज भी जीवंत बना हुआ है। तमिल साहित्य के दूसरे महाकाव्य ‘शिलप्पादिकारम’ में भी लोकगीतों से लेकर ग्राम गीत पाए जाते हैं। छंदबद्ध कविता में प्रस्फुटित यह महाकाव्य धर्म प्रसार के लिए नहीं लिखा गया पर इस महाकाव्य को तमिल का सर्वप्रथम धर्म ग्रंथ अवश्य माना गया।
खेती किसानी के वक्त किसान भी अनेक प्रकार के लोकगीत गाते हैं। मसलन, लंबे बांस में बंधी हुई मोट और बैलजोड़ी की सहायता से सिंचाई के कुएं से पानी उलीचते समय किसान ‘एट्र पत्तु’ नामक गीत गाते हैं। इसका अर्थ है कि बांस की पत्तियों पर सोई हुई ओस की बूंद को संबोधित करना। गांवों में कहावत है कि ‘एट्र पत्तु पुतुक्कु एथिर पत्तु इल्लै’। यानी माधुर्य में इस गीत की बराबरी कोई गीत नहीं कर सकता। महाकवि कम्बन भी गीत के माधुर्य पर मुग्ध हुए बिना नहीं रह पाए थे। तमिलनाडु के किसानों ने अपने युगों के अनुभव के आधार पर बहुत सी कहावतें भी गढ़ीं। जैसे -‘एचवन एल्लु विथई’ ‘ वदिनावन विरगु विथई’ ‘ कोलुतवन कोल्लु विथई’ ‘सोत्रक्कु इल्लतवन सोलम विथई’ । इन कहावतों में निर्धन किसानों को तिलहन बोने की राय दी गई है क्योंकि इस फसल को अधिक वर्षा या पूंजी की आवश्यकता नहीं होती। एक और कहावत है – ‘ एडिप्पट्टम तेडी विथई’। इसमें किसानों को बीज बोने के पहले मौसम का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
शैव संप्रदाय के नायन्मार एवं वैष्णव संप्रदाय के आल्वार भक्तों ने गृहस्थ जीवन के साथ भक्ति का प्रचार किया। उनका साहित्य भक्ति, ज्ञान एवं दर्शन की त्रिवेणी है। प्रोफेसर ललिता रवीन्द्रनाथ की हिंदी में अनुवादित एवं नव प्रकाशित पुस्तक तिरुप्पावै एक महत्वपूर्ण कृति है। यह कृति हिंदी भाषियों को वैष्णव परंपरा के 12 आल्वारों के भक्ति साहित्य से परिचित कराती है। भक्ति साहित्य भी एक तरह से लोक साहित्य ही है। वह लोक को जोड़ता चलता है। इसीलिए गोस्वामी तुलसीदास हों या महाकवि कम्बन, आज तक उनका भक्ति साहित्य लोक में ग्राह्य है। सर्व स्वीकृत है, क्योंकि इन ग्रंथों की भाषा स्थानीयता से ओतप्रोत है।
सबरीमलै जाने वाले भक्त रास्ते में ‘अयप्पा’ और महालिंगस्वामी मंदिर जाने वाले भक्त ‘वली नादैच्चिडु’ से प्रारंभ होने वाला गीत गाते हैं| यह थके मांदे यात्रियों में जोश जगाने वाला गीत है। इसी तरह ‘सालइयले रेण्डु मारम’ से आरंभ होने वाला लोकगीत भी राहगीरों का प्रिय तराना है। लोकगीतों में लोरियां भी काफी प्रचलित है। पेरेयाल्वार ने श्रीकृष्ण को संबोधित करते हुए दस लोरियां गाईं हैं। प्रत्येक का अंत ‘ तलेलो’ से होता है। सामाजिक और महाकाव्यात्मक गाथा गीत भी तमिल लोक साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं।
तमिल संगम साहित्य में भी पर्वों एवं गृहस्थ धर्म के उल्लेख प्राप्त होते हैं। जैसे, पंगुनिउत्तिरम, कार्तिक पूजा, तैनीराडल। इस साहित्य में भी ग्रामीण जीवन से संबंधित विवरण, उपासना पद्धति और आस्था आदि के दर्शन होते हैं। ग्रामीण अध्यनार, चात्तन्ख, कडम्बन करुण्व्यान, गंगैयम्मन, चतुक्कभूतम आदि अनेक ग्राम्य देवता की पूजा के उल्लेख भी लोक साहित्य से सन्नद्ध माने जाने चाहिए। तमिल नीति ग्रंथ -कुरल, नालडियार, पल्मोलि, नान्मणि, कडिकै, एलाद में जीवन के विविध पक्षों की चर्चा भी हमें लोक साहित्य की तरफ ले जाती है। ‘आचारक्को’ भी जीवन के आचार विचार पर चर्चा करके लोक साहित्य को समृद्ध करता है।
शैव संत अरुणगिरि नायर का तिरुपुगल, अण्णमलै रेड्डियार का कावडिचिंदु एवं सिद्धयोगियों के गीत भी लोकगीत शैली में रचे गए। संगम कालीन काव्य कृति ‘अकम’ में तमिलों की पारिवारिक जीवन शैली का सुंदर चित्रण मिलता है। अकम कविताएं जीवन के हर क्षेत्र में पूर्णता, श्रेष्ठ जीवन की कामना एवं तमिल संस्कृति को महत्व प्रदान करती हैं। लोक कलाकारों ने भी ऐसे गीतों में कला का समावेश करके तमिल संस्कृति एवं लोक परंपरा को देश-विदेश में भी पहचान दिलाई। भरतनाट्यम, करकाट्टम, कावडियाट्टम, चित्रम्बाट्टम, मियलआट्टम (मोर नाच) लोक गीतों पर ही आधारित हैं। सीएन अण्णादुरै, डा एम करुणानिधि ने अपने नाटकों के माध्यम से भी लोक साहित्य परंपरा को समृद्ध करते हुए समाज सुधार का मार्ग प्रशस्त किया।
1950 के दशक से जयकांतन का साहित्य भी लोक के इर्द-गिर्द ही घूमता है। उनकी रचनाओं में रिक्शा चालक, वेश्या, कूड़ा बनने वाले बच्चों जैसे निम्न वर्ग के लोग पात्र के रूप में पाए जाते हैं। बीआर राजम अय्यर एवं ए माधवैया के साहित्य में भी आम आदमी के जीवन का चित्रण मिलता है। काली माटी के अंचल वाले इडैचेवल गांव में जन्मे कृषक जीवन से संबद्ध साहित्यकार कि. राजनारायणन नायकर का साहित्यिक जीवन 1958 से प्रारंभ होता है। उनकी कहानियों में भी मानवतावादी स्वरूप मुखरित है। उनके लेख और लघु कथाएं कालजई है।
उनकी कृति करिसल काट्टु कडुदाशि (काली माटी के अंचल से) पत्र साहित्य और रेखा चित्र साहित्य के मिश्रण से नई विधा उत्पन्न करती है। कहानी कुत्ते, हैवानियत, गुंडे और देवता, आठवां झोंका आदि लोक से ही निकली हुई हैं। हालांकि पाश्चात्य प्रभाव से परिपूर्ण रेखाचित्र साहित्य व. रामास्वामी अय्यंगार ने वर्ष 1920 में ही लिखना शुरू कर दिया था। कहा जा सकता है कि तमिल भाषा का लोक साहित्य पहले से ही अति समृद्ध है और आधुनिक युग के साहित्यकारों ने भी लोक साहित्य की रचना कर पुरातन परंपरा को अक्षुण्णता प्रदान की और कर रहे हैं।

– गौरव अवस्थी
9415034340

Share this on WhatsApp
Share198Tweet124Share50
Kumar Shrivastav

Kumar Shrivastav

Related Posts

किशनगंज, बिहार -बलदिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डीएम ने की प्रशंसा

किशनगंज, बिहार -बलदिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डीएम ने की प्रशंसा

by Office Araria
May 1, 2026
0

गांव में ही राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक और मजबूत कदम पर की टिप्पणी...

बीडीओ का औचक निरीक्षण, स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था पर कसा शिकंजा।

बीडीओ का औचक निरीक्षण, स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था पर कसा शिकंजा।

by Office Araria
May 1, 2026
0

सिकटी (अररिया):-प्रखंड क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर...

  • Trending
  • Comments
  • Latest
अररिया – छापामारी के दौरान फुलकाहा थाना के SI की हुई संदेह हास्यपद स्थिति में मौत

अररिया – छापामारी के दौरान फुलकाहा थाना के SI की हुई संदेह हास्यपद स्थिति में मौत

March 13, 2025

रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए रानीगंज BDO

May 20, 2025
अररिया – पप्पू झा मौत के मामले में परिजन के साथ भाजपा महिला मोर्चा के सदस्य ने की एसपी से मुलाकात

अररिया – पप्पू झा मौत के मामले में परिजन के साथ भाजपा महिला मोर्चा के सदस्य ने की एसपी से मुलाकात

July 30, 2024

Hello world!

1

22, 28 एवं 29 जनवरी को तीन पंचायतों में ‘जनता के दरबार में जिलाधिकारी’ कार्यक्रम किया जाएगा आयोजन

1
सरस्वती पूजा को लेकर पलासी थाना में शांति समिति की बैठक, शांतिपूर्ण आयोजन पर जोर

सरस्वती पूजा को लेकर पलासी थाना में शांति समिति की बैठक, शांतिपूर्ण आयोजन पर जोर

1
किशनगंज, बिहार -बलदिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डीएम ने की प्रशंसा

किशनगंज, बिहार -बलदिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डीएम ने की प्रशंसा

May 1, 2026
बीडीओ का औचक निरीक्षण, स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था पर कसा शिकंजा।

बीडीओ का औचक निरीक्षण, स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था पर कसा शिकंजा।

May 1, 2026
टास/आईडीए इम्पैक्ट सर्वे गतिविधि संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन

टास/आईडीए इम्पैक्ट सर्वे गतिविधि संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन

May 1, 2026
Youtube Facebook

About US

Member of Working Journalist Media Council (Ref. No.: WJMC/7489-236)
Self-Regulatory Body under Information Technology
Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code, Rule, 2021
Ministry of Information & Broadcasting (Government of India)
MIB Ref. No.: 50013/174/2021-DM

Contact Us

Registered Office : Infront of TVS Show Room, Najaria News Builing, OmNagar,
Ward No 08, Araria,
Pincode- 854311, District- Araria, State- Bihar
E-mail : najarianewsofficial@gmail.com
Contact :- 9570517798, (Call And Whatsapp), 7004302782

Contact Person : Vikash Prakash
Designation : Director-cum-Editor in Chief
Mobile : 9570517798, 7004302782

Recent Post

  • किशनगंज, बिहार -बलदिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डीएम ने की प्रशंसा
  • बीडीओ का औचक निरीक्षण, स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था पर कसा शिकंजा।
  • टास/आईडीए इम्पैक्ट सर्वे गतिविधि संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ आयोजन
  • बेख़ौफ अपराधियों का तांडव; दिनदहाड़े थाना से लगभग 100 मीटर की दूरी पर युवक को मारी गोली
  • एईएस से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल का निर्देश

Copyright © 2017 Najaria News, @ Design By Future Shine

No Result
View All Result
  • Home
  • बिहार न्यूज़
    • अररिया न्यूज़
    • पुर्णिया
    • किशनगंज
  • झारखण्ड
    • रांची
    • दुमका
  • उत्तर प्रदेश
    • लखनऊ
    • अयोध्या
    • सुल्तानपुर
    • जोनपुर
  • धर्म
    • धार्मिक
  • कैरियर
  • Video News
  • E-Paper

Copyright © 2017 Najaria News, @ Design By Future Shine

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
error: Content is protected !!