- अररिया जिले में एक बच्ची को दत्तकग्रहण के लिए सौंपा गया।
- जिला पदाधिकारी अनिल कुमार ने विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, अररिया में यह कार्यक्रम आयोजित किया।
- दत्तकग्रहण अधिनियम 2022 के नियमों के अनुसार यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
- इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने भाग लिया।
नजरिया न्यूज़ अररिया। जिला पदाधिकारी, अररिया,श्री अनिल कुमार के द्वारा आज विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, अररिया में आवासित एक बच्ची को बैंगलौर निवासी सिंगल माता को दत्तकग्रहण अधिनयम 2022 के नियमानुसार दत्तकग्रहण पूर्व पालन पोषण के लिए सौंपा गया। इस मौके पर सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई अररिया श्री शम्भु कुमार रजक, चिकित्सा पदाधिकारी अररिया डॉ राजेंद्र कुमार, बाल संरक्षण पदाधिकारी श्री बबलू कुमार पाल, श्री विकास कुमार श्री धनंजय कुमार, प्रबंधक एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान अररिया एवं बल संरक्षण इकाई अररिया कर्मी मौजूद थे।
सामाजिक लाभ :
1. अनाथ बच्चों को घर मिलता है: दत्तकग्रहण के माध्यम से अनाथ बच्चों को एक स्थिर और प्यार भरा घर मिलता है।
2. बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं: दत्तक माता-पिता बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करते हैं, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित होता है।
3. सामाजिक समरसता बढ़ती है: दत्तकग्रहण के माध्यम से सामाजिक समरसता बढ़ती है, क्योंकि यह बच्चों को विभिन्न सांस्कृतिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से जोड़ता है।
4. बच्चों को आत्मविश्वास मिलता है: दत्तक माता-पिता बच्चों को आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना प्रदान करते हैं, जिससे वे अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं।
5. सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ती है: दत्तकग्रहण के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ती है, क्योंकि यह लोगों को अपने समाज के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करता है।
आर्थिक लाभ :
1. बच्चों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है: दत्तक माता-पिता बच्चों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते हैं, जिससे उनके भविष्य की आर्थिक जरूरतें पूरी हो सकती हैं।
2. सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है: दत्तकग्रहण के माध्यम से बच्चों को सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है, जैसे कि शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं।
3. बच्चों को रोजगार के अवसर मिलते हैं: दत्तक माता-पिता बच्चों को रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं, जिससे वे अपने जीवन में आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
शैक्षिक लाभ :
1. बच्चों को शिक्षा के अवसर मिलते हैं: दत्तक माता-पिता बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करते हैं, जिससे वे अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं।
2. बच्चों को व्यक्तिगत विकास के अवसर मिलते हैं: दत्तक माता-पिता बच्चों को व्यक्तिगत विकास के अवसर प्रदान करते हैं, जिससे वे अपने जीवन में आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
3. बच्चों को सामाजिक जिम्मेदारी की शिक्षा मिलती है: दत्तक माता-पिता बच्चों को सामाजिक जिम्मेदारी की शिक्षा प्रदान करते हैं, इस तरह के पहल से समाज को कई लाभ मिल सकते हैं।
सामाजिक लाभ :
1. अनाथ बच्चों को घर मिलता है: दत्तकग्रहण के माध्यम से अनाथ बच्चों को एक स्थिर और प्यार भरा घर मिलता है।
2. बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं: दत्तक माता-पिता बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करते हैं, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित होता है।
3. सामाजिक समरसता बढ़ती है: दत्तकग्रहण के माध्यम से सामाजिक समरसता बढ़ती है, क्योंकि यह बच्चों को विभिन्न सांस्कृतिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से जोड़ता है।
4. बच्चों को आत्मविश्वास मिलता है: दत्तक माता-पिता बच्चों को आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना प्रदान करते हैं, जिससे वे अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं।
5. सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ती है: दत्तकग्रहण के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ती है, क्योंकि यह लोगों को अपने समाज के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करता है।
आर्थिक लाभ :
1. बच्चों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है: दत्तक माता-पिता बच्चों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते हैं, जिससे उनके भविष्य की आर्थिक जरूरतें पूरी हो सकती हैं।
2. सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है: दत्तकग्रहण के माध्यम से बच्चों को सामाजिक कल्याण























