नजरिया सम्वाददाता बारसोई कटिहार
बारसोई गोली कांड में अपनी अपनी जान गंवाने वाल दो निर्दोष युवक और एक घायल व्यक्ति के परिवार वाले को इंसान नहीं मिला, कोई दंडात्मक कार्रवाई उस पदाधिकारी के विरुद्ध नहीं हुई जिन्होंने बेकसूर लोगों पर गोली चलवाई थी। उक्त बातें जदयू के वरीय नेता ख्वाजा शाहिद ने कही उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा सिर्फ निंदा प्रस्ताव दिया जाना तथा वेतन वृद्धि पर रोक यह एक मामूली कार्रवाई एवं खानापूर्ति भर है। इस तरह का जघन्य अपराध करने वाले पदाधिकारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए थी। वहीं विभाग के द्वारा लिए गए निर्णय और विभागीय करवाई से संतुष्टि नहीं मिली है। बताते चलें कि 26 जुलाई 2023 के दिन उक्त गोली कांड की घटना घटी थी। जब प्रदर्शनकारी उग्र होकर बिजली कार्यालय के अंदर जाकर बबाल मचा रहे थे। उन्हें खदेरने के लिए पुलिस ने छत पर से पहले हवाई फायरिंग की और बाद में लोगों को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं जिससे तीनों ही बेकसूर व्यक्ति की मौत हो गई। सोनू साह बिजली के कार्यालय के गेट से काफी दूरी पर पेड़ के नीचे खड़े होकर प्रदर्शन कारियों को देख रहे थे और वहीं उनके पास ऑटो चालक नियाज भी खड़ा था दोनों ही व्यक्ति पुलिस की एक ही गोली से घायल हो जमीन पर गिर पड़े। गोली पहले नियम के कनपटी से रगड़ती हुई सोनू साह को जा लगी, नियाज तो बच गया मगर अधमरा इंसान की तरह जिंदा है। वह कोई काम नहीं कर सकता। वह सिर्फ पुतले के जैसा उठता बैठता है। उनके दिमाग और आंखों का ऑपरेशन किया गया है। किसी तरह से अपनी बातें बोल सकता है। शरीर का बायां हिस्सा भी लकवा ग्रस्त जैसा हो गया है। वहीं विद्युत कार्यालय के गेट के पास पुलिस की गोली से धराशाई होकर खुर्शीद खुदा को प्यार हो गया था। वहीं इस संबंध में पीड़ित सोनू साह के पिता मानिकचंद साह ने कहा कि अभी तो सिर्फ विभागीय कार्रवाई की घोषणा हुई है। सरकार और विभाग ने हम पीड़ितों को काफी निराश किया है। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने एसडीओ, डीएसपी इत्यादि के खिलाफ मुकदमा किया है मुकदमा का अभी फैसला नहीं आया है।
सरकार मामले की लीपापोती कर के हम गरीब जनता के ऊपर अत्याचार किया है। वहीं मोहम्मद नियाज ने भी विभाग के कार्रवाई के फैसले को काफी निराशाजनक बताते हुए कहा कि सरकार हम गरीब लोगों के पक्ष में नहीं है यह अमीरों की सरकार है।























