पटना- राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के द्वारा ‘‘अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस” के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन दिनांक 28 सितम्बर 2024 को जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना में किया गया। उक्त कार्यशाला में बिहार के सभी क्षेत्रीय अपर निदेशक, सिविल सर्जन, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक, मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष (प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ विभाग) सुरक्षित गर्भपात के मास्टर ट्रेनर्स, सुरक्षित गर्भपात सेवा प्रदाता, आशा कार्यकर्ता, डेवलपमेंट पार्टनर के प्रतिनिधि, राज्य स्वास्थ्य समीति के पदाधिकारी एवं कर्मी तथा युक्ति योजना क्लिनिक के प्रतिनिधि ने भाग लिया।
डॉ सरिता, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, मातृत्व कोषांग राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के द्वारा सभी के स्वागत के साथ इस कार्यशाला का शुभारंभ किया एवं डॉ सरिता के द्वारा बिहार के एबॉर्शन परिदृश्य के बारे में बताया ।
राजेश कुमार, प्रशासी पदाधिकारी, राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार के द्वारा बताया गया कि, भारत में एमटीपी एक्ट 1971 में लागू किया गया था, परन्तु सामुदायिक स्तर पर अभी भी सुरक्षित गर्भपात के सबंध में लोगो को जागरूक करने हेतु प्रचार प्रसार की आवश्यकता है।
डॉ अविनाश कुमार, अपर निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएँ, बिहार सरकार ने बताया की भारत में कुल मातृ मृत्यु का 8 प्रतिशत असुरक्षित गर्भपात के कारण होती है और इसको कम करने के लिए बिहार सरकार प्रतिबद्ध है उन्होंने इस कार्यशाला के उद्देश्य पर भी चर्चा की।
इस कार्यशाला में आइपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के बिहार के राज्य निदेशक तफसीरुल मजाहिर ने भारत और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित गर्भपात की स्थिति के विषय पर अपनी प्रस्तुति दी एवं इस विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
डॉ रानू सिंह, वरीय चिकित्सा पदाधिकारी, पटना चिकित्सा माहविधालय एवं अस्पताल के द्वारा एम० टी० पी० संशोधन अधिनियम 2021 एवं 2024 में हुए संशोधनों पर सभी प्रतिभागियों को विस्तारपूर्वक बताया।
डॉ ऋचा झा, असिस्टेंट प्रोफेसर, महिला एवं प्रसूति रोग विभाग, जी एन एम सी एच पूर्णिया, के द्वारा सुरक्षित गर्भपात सेवा व्यवस्था के बारे में चर्चा की और सुरक्षित गर्भपात पर अपने कार्य का अनुभव साझा किया।
उक्त कार्यशाला में सुरक्षित गर्भपात कायक्रम के अन्तर्गत बिहार के सभी जिलो में से सबसे उत्तम कार्य करने वाले 5 जिलों को पुरस्कृत किया गया जिनकी श्रेणि इस प्रकार है। प्रथम स्थान – बांका, द्वितीय स्थान – पटना, त्रीतीय स्थान – सारण, चतुर्थ स्थान – बक्सर, और पांचवा स्थान दृ वैशाली जिले को पुरस्कृत किया गया।
इसके अतिरिक्त युक्ति योजना कार्यक्रम के अन्तर्गत बिहार में संचालित प्रत्यायिक निजी स्वास्थ्य संस्थानों में से 5 उत्तम कार्य करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों को पुरस्कृत किया गया। जिसका स्थान क्रमशः प्रथम शिवम सेवा संस्थान (सितामढी), द्वितीय – जननी सुर्या क्लिनिक (मोतीहारी), त्रीतीय स्थान – कटिहार मेडिकल कॉलेज , (कटीहार), चतुर्थ – सहाय नर्सींग होमं (दरभंगा), पांचवा – वरदान हॉस्पिटल (गया) को पुरस्कृत किया गया।
डॉ सरिता के द्वारा प्रतिभागियों के द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए गए एवं आइपास डेवलपमेंट फाउंडेशन के द्वारा सभी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ इस कार्यशाला का समापन किया गया।
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