रूबी विनीत, नज़रिया, अररिया। बुधवार को व्यवहार न्यायालय अररिया के एडीजे-06 सह पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार ने भरी अदालत मे यौन शोषण करने वाले युवक को 20 वर्ष का कारावास की सज़ा सुनाई है।
जानकारी देते हुए सरकार की ओर से पॉक्सो एक्ट के स्पेशल पीपी डॉ श्यामलाल यादव व पीड़िता के निजी अधिवक्ता प्रदीप लाल दास ने बताया कि युवक द्वारा 17 वर्षीय नाबालिग बच्ची को प्रेमजाल मे फंसा कर शादी कर लेने का झांसा देकर लगातार उसके साथ यौन शोषण किया जा रहा था। कोर्ट में घटना प्रमाणित होने पर न्यायधीश अजय कुमार ने अररिया जिला अंतर्गत ताराबाड़ी थाना क्षेत्र के पैरवा खुरी वार्ड 07 का रहनेवाला त्रिलोक कुमार सिंह पिता देव नारायण सिंह को 20 वर्ष सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई है।
सरकार की ओर से पॉक्सो एक्ट के स्पेशल पीपी डॉ श्यामलाल यादव व पीड़िता के निजी अधिवक्ता प्रदीप लाल दास ने बताया कि आरोपी त्रिलोक सिंह को कारावास की सज़ा के अलावा 50 हज़ार रुपये जुर्माना लगाया गया है. यह जुर्माने की राशि पीड़िता को दिया जायेगा।
वही, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को निर्देशित किया गया है कि पीड़िता को विक्टिम कंपनसेसशन स्कीम के तहत 05 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करावे। यह सजा स्पेशल पोक्सो मुकदमा संख्या- 46/20 मे सुनाया गया है।
बताया गया कि घटना तिथि 07 नवंबर 2020 से दो वर्ष पूर्व से आरोपी त्रिलोकी सिंह द्वारा पीड़िता के साथ यौन शोषण की घटना को अंजाम दिया जा रहा था।
सरकार की ओर से पॉक्सो एक्ट के स्पेशल पीपी डॉ श्यामलाल यादव व पीड़िता के निजी अधिवक्ता प्रदीप लाल दास ने बताया कि पीड़िता की मुलाकात आरोपी त्रिलोकी सिंह से धोकरिया के कालीमंदिर परिसर में हुई थी।
जहां दोनो के बीच मधुर संबंध स्थापित हो गया. जो प्रेम संबंध में बदल गया।
उसके बाद आरोपी का पीड़िता के घर आना जाना शुरू हो गया।
मोबाइल से भी आरोपी द्वारा पीड़िता से बात की जाती रही।
इसी बीच मौका पाकर आरोपी ने पीड़िता को प्रेमजाल मे फंसाकर बहला फुसलाकर उसके साथ हम बिस्तर हो गये तथा लगातार शारीरिक संबंध स्थापित करता रहा।
गर्भवती होने पर आरोपी के द्वारा पीड़िता को दवा खिलाकर उसका कई बार गर्भपात भी कराया गया है।
जब भी पीड़िता शादी के लिए आरोपी से कहती तो आरोपी बहन की शादी का हवाला देकर बहाना बना देता।
इस बीच आरोपी की बहन की शादी तय होने की जानकारी मिलने पर पीड़िता द्वारा आरोपी को शादी करने का दबाब बनाई। परंतु शादी करने से आरोपी ने इंकार कर दिया। जब पीड़िता एवं उसके रिश्तेदार आरोपी के घर जाकर आरोपी द्वारा किये गये कृत्य की जानकारी आरोपी के परिजनों को दिये तो सर्वप्रथम आरोपी त्रिलोकी सिंह ने घटना से साफ इंकार कर दिया।
वही, आरोपी के पिता देव नारायण सिंह ने मौके की नजाकत को समझते हुए आरोपी की शादी पीड़िता के साथ कराने के लिये तैयार हो गये। लेकिन शादी में दहेज के रूप में 05 लाख रुपए एवं एक ऑल्टो मारुति कार की मांग कर लिये. जिसे पीड़िता के परिजनों द्वारा देने में असमर्थता जताई गई।
वही, पुनः इस मामले को पीड़िता के परिजनों के द्वारा पंचायती बुलवाई गई।
जिस पंचायती मे आरोपी के पिता ने शादी हेतु डिमाण्ड को बढ़ाते हुए दहेज में 10 लाख रुपये की मांग किए थे।
मजबूर होकर पीड़िता ने महिला थाना में आरोपी त्रिलोक कुमार सिंह व आरोपी के पिता देव नारायण सिंह के विरुद्ध आवेदन दिया जहां भादवि की धारा 341, 323, 504, 506, 34, 376 एवं 04 पॉक्सो अधिनियम के तहत दिनांक 24 नवंबर 2020 को महिला थाना कांड संख्या 118/2020 दर्ज हुआ था।
इस मामले में अनुसंधानकर्ता पुलिस पदाधिकारी के द्वारा न्यायालय में 14 मई 2021 को चार्जशीट दाखिल किया गया। वही, दोनो पिता पुत्र के विरुद्ध न्यायलय मे 11 जनवरी 2022 को आरोप गठन (चार्जफ्रेम) किया गया। चार्जफ्रेम के दौरान दोनो पिता पुत्र ने अपने ऊपर लगाए आरोपों मे निर्दोष बताया।
चार्जफ्रेम के बाद न्यायालय मे सरकार की ओर से प्रस्तुत सभी गवाहो ने घटना का पूर्ण समर्थन किया।
गवाहो के बयान से संतुष्ट होकर न्यायलय के न्यायधीश श्री कुमार ने आरोपी पिता देव नारायण सिंह को साक्ष्य के अभाव में निर्दोष मानते हुए रिहा कर दिया।
वही आरोपी पुत्र को धारा 06 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया।
सज़ा के बिन्दु पर बचाव पक्ष से अधिवक्ता कश्यप कौशल ने अपना पक्ष रखा था।





















