बच्चों के संक्रमित होने के साथ रहता है डायरिया व डिहाइड्रेशन का खतरा
समुचित पोषाहार के साथ स्तनपान व थोड़े-थोड़े अंतराल पर करायें तरल पेय का सेवन
अररिया, 11 मार्च।
गर्मी का मौसम दस्तक दे चुका है। हर दिन तापमान में इजाफा हो रहा है। मौसम में हो रहा ये बदलाव बड़ों के साथ-साथ बच्चों की सेहत को प्रभावित कर सकता है। इसलिये अभिभावकों के लिये अपने छोटे बच्चों का सही से देखभाल काफी जरूरी हो चुका है। बदलते इस मौसम में बच्चों को कई तरह के संक्रमण के साथ-साथ डायरिया, पानी की कमी जैसी समस्या बेहद आम है। इससे बचाव के लिये बच्चों को कड़ी धूप के साथ सुबह व शाम पड़ने वाली ठंड के साथ ठंडी हवाओं से बच्चों का बचाव जरूरी है।
बच्चों के समुचित खान-पान का रखें ध्यान
सदर अस्पताल के वरीय चिकित्सक डॉ राजेंद्र कुमार ने बताया कि गर्मी का मौसम अब अपना प्रभाव दिखाने लगा है। तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे मौसम में बच्चों को पानी की कमी, हीट स्ट्रोक व डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिये अभिभावकों को अपने बच्चों की विशेष निगरानी रखने की जरूरत है। बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिये उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलायें। मां का दूध छोटे बच्चों के लिये सर्वोत्तम आहार है। 06 महीने तक के बच्चों के लिये दूध पीने की जरूरत गर्मियों में और अधिक बढ़ जाती है। इसके लिये माताओं को भी हाइड्रेट रहने की जरूरत है। 06 माह तक के बच्चों को मां द्वारा नियमित अंतराल दूध पिलाया जाना चाहिये। वहीं 06 माह से अधिक उम्र के बच्चों को पर्याप्त ऊपरी आहार के साथ मां का दूध पिलाना बच्चों को किसी तरह के बीमारी से बचाव के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। जो उन्हें कई तरह के रोगों से मुक्त रखता है। 
गर्मी व तेज धूप से बच्चों का बचाव जरूरी
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने बताया कि तेज धूप व गर्मी से बच्चों का बचाव जरूरी है। गर्मी के दिनों में छोटे बच्चों को तेज धूप में घर से बाहर लेकर ना जाएं। अगर बाहर ले जाना जरूरी हो तो धूप से बचाव के लिए बच्चों को हल्के रंग के पूरी बाजू के कपड़े परहनाएं व छाता का उपयोग करें। बच्चों को अधिक पसीना आने से उन्हें डिहाइड्रेशन का खतरा हो सकता है। बच्चे जब तक अधिक बीमार ना हो जायें तब तक उनमें किसी रोग का कोई विशेष लक्षण नहीं दिखता है। सेहत खराब होने पर बच्चे सामान्य बच्चों की तुलना में अधिक चिड़चिड़े व सुस्त हो सकते हैं। उनकी त्वचा शुष्क हो सकती है। पानी पीने से बच्चा मना भी कर सकता है। गर्मी के दिनों में अभिभावकों को अपने बच्चों को अधिक कपड़े नहीं पहनाना चाहिए। बच्चों के लिए आरामदायक सूती कपड़ों का चयन करना इस मौसम में ज्यादा उपयुक्त है।
छोटे बच्चों को थोड़े-थोड़े अंतराल पर करायें स्तनपान
सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने कहा कि बच्चों का गर्मी से बचाव जरूरी है। इसे लेकर माता-पिता को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसलिये थोड़े-थोड़े अंतराल पर बच्चों को पानी सहित अन्य तरल पदार्थ का सेवन कराना चाहिये। 06 माह तक के बच्चों को थोड़े-थोड़े अंतराल पर स्तनपान करायें। इससे अधिक उम्र के बच्चों को समुचित पोषाहार के साथ स्तनपान कराया जाना चाहिये। अगर बच्चों को अधिक पसीना आता हो, उल्टी, मतली व सिरदर्द की शिकायत हो या पेशाब कम आ रहा हो। तो बच्चों की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नजदीकी अस्पताल में बच्चों की समुचित जांच व इलाज को प्रमुखता दिया जाना चाहिये।























