=20वीं शताब्दी के काले अध्याय को बदलने में मुख्य पार्षद अधिवक्ता इंद्रदेव पासवान कब्जाधारियों के संस्कार को बदल सके तो नमामि गंगा योजना की सफलता को गंगा पर धरती का अवतरण मानेगा किशनगंज शहर
वीरेंद्र चौहान,नजरिया ब्यूरो किशनगंज, 06मार्च।
नगर परिषद किशनगंज द्वारा रमजान नदी के जीर्णोद्धार को लेकर भगीरथ प्रयास आज शुरू हुआ। शहर के घोड़ामारा मोहल्ला स्थित रमजान नदी में कुदाल चलाकर शुभारंभ अभियान का शुभारंभ किया गया।
किशनगंज शहर के मध्य में रमजान नदी अस्तित्व अभी भी है लेकिन किनारों को बड़े -भड़ए मगरमच्छों ने लील रखा है। इन मगरमच्छों के दांव-पेंच से रमजान नदी को निकालने की पहल रमजान के भुभग की सफाई से आज शुरू किया गया।
।नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ता एवं वार्ड पार्षदों ने घोड़ामाड़ा के निकट स्थित उद्गम स्थल पर सामूहिक रूप से कुदाल चलाकर अभियान की शुरुआत की।
इस मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान ने कहा:
आज रमजान नदी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है और हम सभी लोगों ने सफाई का बीड़ा उठाया है। आगामी 09 मार्च को शहर के गांधी घाट एवं 11 मार्च को देवघाट खगड़ा को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा।
पार्षद सुशांत गोप ने कहा :
नगर परिषद किशनगंज के द्वारा सकारात्मक पहल की गई है और इसका परिणाम जल्द सामने आएगा।
राजद नेता उस्मान गनी, पार्षद प्रतिनिधि हरिराम अग्रवाल,अरविंद मंडल, दीपक पासवान,अशोक पासवान,संजय पासवान, राजद नेता देवेन यादव आदि ने इस मुहिम में जुड़ने की अपील जिलेवासियों से अपील की।
इस मौके पर समसुल होदा,मिक्की शाह,सफी अहमद, दिलीप ठाकुर, इमाम अली उर्फ चिंटू, एहसान हसन सांसद प्रतिनिधि, सहित अन्य लोग मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि रमजान नदी गंगा नमामि योजना का हिस्सा बन चुकी है।जिला प्रशासन समय समय पर रमजान नदी के मूल स्वरूप को लेकर समीक्षा करता रहा है। किशनगंज के पूर्व सांसद मरहूम तस्लीमाउद्दीन के समय में रमजान नदी के सौंदर्यीकरण को लेकर एक वृहद प्रोजेक्ट मंजूर हुआ था लेकिन मगरमच्छों ने उस प्रोजेक्ट को आजतक लागू नहीं करने दिया।
शहरवासियों का कहना है: गंगा नमामि योजना का लक्ष्य नदियों को उनका भौगोलिक स्वरूप देना है। गंगा जी की सभी सहायक नदियों का जीर्णोद्धार नमामि गंगा योजना का लक्ष्य है।
गंगा और रमजान:
भागीरथ हिंदू साहित्य में इक्ष्वाकु वंश के एक प्रसिद्ध राजा हैं। उन्होंने तपस्या करके पवित्र नदी गंगा, जिसे हिंदू नदी देवी गंगा के रूप में जाना जाता है, को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने की उनकी किंवदंती के लिए जाना जाता है। नगर परिषद किशनगंज के मुख्य पार्षद अधिवक्ता इंद्रदेव पासवान, सभी नगर परिषद पार्षद, राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता तथा जिला प्रशासन के सहयोग से रमजान नदी को 20वीं शताब्दी के मूल स्वरूप में लाया जा सका तो इतिहास इसे भागीरथ प्रयास का दर्जा प्रदान करेगा।























