अभियान संचालित कर 01 से 19 साल तक के बच्चों को खिलाई जायेगी कृमि नाशक दवा
दवा सेवन कराने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्र व स्कूलों में होगा विशेष आयोजन
अररिया ।
हमारे पेट में कई तरह के कृमि का होना सामान्य बात है. बच्चों से लेकर बूढ़े तक के आंतों में ये कृमि पाये जाते हैं. लेकिन पेट में कृमि की अधिकता जहां बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को प्रभावित करता है. तो वहीं ये एनीमिया के मुख्य कारणों में से एक है. कृमि के दुष्प्रभाव से बच्चों व किशोरों को निजात दिलाने के लिये सरकार द्वारा राष्ट्रीय कृमि मुक्त कार्यक्रम संचालित है. इसके तहत जिले में आगामी 15 मार्च को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर विशेष अभियान संचालित करते हुए 01 से 19 साल तक के बच्चों को कृमि नाशक दवा सेवन कराने के उद्देश्य से जिले में विशेष अभियान संचालित किया जायेगा. अभियान के क्रम में आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से 01 से 05 साल तक के बच्चे व 06 से 19 साल तक के बच्चों स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को चिह्नित कर कृमि नाशक दवा का सेवन कराया जायेगा. वहीं स्कूली शिक्षकों की मदद से स्कूली बच्चों को दवा का सेवन कराया जायेगा. अभियान के क्रम में छूटे बच्चों को दवा सेवन कराने के उद्देश्य से 19 मार्च को मॉप अप राउंड संचालित किया जायेगा. ताकि शत प्रतिशत लक्षित बच्चों का दवा सेवन सुनिश्चित कराया जा सके. इसे लेकर प्रखंडवार स्कूली शिक्षक सहित अन्य संबंधित कर्मियों को जरूरी प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, आईसीडीएस सहित संबंधित अन्य विभागों के परस्पर समन्वय स्थापित करते अभियान की सफलता को लेकर जिले में जरूरी पहल की जा रही है.
प्रखंडवार उपलब्ध करायी जा रही है पर्याप्त दवा
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सह कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी डॉ मोईज ने बताया कि अभियान की सफलता को लेकर संबंधित कर्मियों को जरूरी प्रशिक्षण दिया जा रहा है. साथ ही प्रखंडवार पर्याप्त मात्रा में दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को लेकर जरूरी पहल की जा रही है. उन्होंने बताया 01 से 02 साल के बच्चों को अल्बेंडाजोल की आधी गोली का चूर्ण बनाकर साफ पानी के साथ खिलाना है. वहीं 02 से 03 साल के बच्चों को पूरी गोली का चूर्ण साफ पानी के साथ खिलाया जाना है. तीन साल से अधिक आयु वर्ग के किशोरों को दवा को चबा कर खानी है. अभियान के क्रम में निर्धारित आयु वर्ग के 18 लाख से अधिक बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य है.
विभिन्न माध्यम से किया गया है लोगों को जागरूक
जिला सामुदायिक समन्वयक सौरव कुमार ने बताया कि अभियान की सफलता को लेकर विभिन्न स्तरों पर जरूरी तैयारियां की जा रही है. सभी आंगनबाड़ी केंद्र, सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय, मदरसा, संस्कृत स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, तकनीकी संस्थान में निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों को चिह्नित कर ड्यू लिस्ट तैयार किया जा रहा है. अभियान के क्रम में चिह्नित बच्चों को प्रशिक्षित कर्मी की देखरेख में दवा का सेवन कराया जायेगा. दवा सेवन के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के लिये भी विभिन्न गतिविधियों के आयोजन की जानकारी उन्होंने दी.
बच्चों व किशोरों का प्रभावित होता है विकास
सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने कहा बच्चों व किशोरों में कृमि के कई दुष्प्रभाव होते हैं. ये उनके शारीरिक व मानसिक विकास को बाधित करता है. एनीमिया, कुपोषण व उनकी उत्पादकता को ये प्रभावित करता है. इसलिये नियमित समयांतराल पर कृमि नाशक दवा के सेवन जरूरी होता है. राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर जिले में संचालित विशेष अभियान के क्रम में शत प्रतिशत बच्चों को दवा सेवन सुनिश्चित कराना विभाग की प्राथमिकताओं में शुमार है.























