नजरिया। भरगामा।
शिक्षा वो दौलत है जो इंसान को इंसान बना देती है, इल्म हासिल करना है हर इंसान पर फर्ज है, एक दिल में डर और इमान एक साथ नहीं रह सकता, जिसके पास इमान की ताकत है वो इंसान दुनिया की कोई ताकत के सामने नहीं झुकता है, वो सिर्फ खुदा के सामने अपना सर झुकाता है, उक्त बातें जमिअत ओलमा हिंद उत्तर प्रदेश के जेनरल सिक्रेट्री मौलाना हसन असजद मदनी ने भरगामा प्रखंड के वीरनगर बिषहरिया कर्बला मैदान में प्रखंड कमेटी भरगामा द्वारा आयोजित जलसा ए आम तालमी बेदारी व इस्लाहे मुआसरा के जलसा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जंग ए आजादी में जमिअत उलेमा हिंद ने जो कुर्बानी दिया दुसरी कोई भी तंजीम नहीं किया। भारत के विभाजन का सबसे ज्यादा विरोध हमारे पुर्वजों ने किया था। जंग ए आजादी में मुसलमानों की कुर्बानी बेमिसाल रही है। जिसे भुलाया नहीं जा सकता है।
मौलाना असजद मदनी ने कहा कि वतन से मुहब्बत करना इमान में दाखिल है। आजादी में बड़ी कुर्बानी मुसलमानों की है। नफरत को बढ़ावा देने वाले कभी भी मुल्क का वफादार नहीं हो सकता है।
जलसा का आगाज कलामे पाक की तिलावत से हुई। मंच का संचालन मौलाना अनवारुल हक नदवी व हाजी अफजल ने संयुक्त रूप से किया जबकि अध्यक्षता हाफिज शहाबुद्दीन साहब ने किया व जमिअत ओलमा हिंद भरगामा के जेनरल सिक्रेट्री एसएम सलाउद्दीन ने इस्तकबालिया खोतबा पेश किया। जलसा को संबोधित करते हुए मुफ्ती तवारक हुसैन साहब ने कहा कि शादी विवाह में दहेज लेना देना दोनों हराम है, बारात, बैंड बाजा, डीजे बजाना हराम है,इस पर रोक तब ही संभव है जब हर व्यक्ति अपने आप में सुधार करेगा। जलसा को काजी ए सरियत मौलाना तौव्वाफ साहब, मुफ्ती इनामुल बारी साहब, मुफ्ती नसीम, मौलाना खालिद नदवी लखनऊ, मुफ्ती शमसाद आदि ने किया। इस अवसर पर शिक्षा रत्न सम्मान से सम्मानित प्रखर समाज सेवी असलम बेग ने कहा कि शिक्षा इंसान को जीने का तरीका सिखाता है,
जलसा को कामयाब बनाने में प्रोफेसर जशीम उद्दीन, मास्टर एजाज़, इमतियाजुल हक़, हाफिज अब्दुल रकीब, मौलाना हाजी महि उद्दीन, मो तारिक, कैसर सिक्रेट्री, मास्टर नैयर, तौकीर आलम, जुलफेकार, हाजी जुनेद, मास्टर समसुजमा साहब, हाजी कमाल, आजाद खान, हसनैन, मौलाना सफी उल्ला, हाजी अजीम, मास्टर अ समद, मो समद, नईम, नजीब अमीर, आदि की भुमिका सराहनीय रही।





















