*=जनसुनवाई पोर्टल पर उपभोक्ता के पक्ष को जाने बिना अधिशासी अभियंता द्वारा लगा दी जाती है भ्रामक आख्या…
*क्या ईमानदार छवि के अधीक्षण अभियंता उपभोक्ताओं की शिकायत का करा पाएंगे निष्पक्ष जांच…
*जेई अमित श्रीवास्तव द्वारा पहले शिकायत कर्ता पर शिकायत वापस लेने के लिए बनाया गया दबाव…
शिकायतकर्ता ने वापस नहीं ली शिकायत तो अधिशासी अभियंता विद्युत ने आइजीआरएस पर जेई के पक्ष में लगा दी कूटरचित आख्या…
*भ्रष्टाचार के आरोपी जेई अमित श्रीवास्तव और अन्य आठ की संपत्ति की हो जांच तब पता चल पाएगा बिजली विभाग में कितना हुआ भ्रष्टाचार…
अनिल उपाध्याय, पूर्वांचल ब्यूरो नजरिया न्यूज, 01मार्च।
सुल्तानपुर से सोशल मीडिया पर विद्युत उपभोक्ताओं की परेशानी वायरल की गई है।
ट्रांसपोर्ट नगर के बिजली उपभोक्ताओं ने कहा:
जेई अमित श्रीवास्तव के निलंबन से उपभोक्ता काफी खुश हैं। जेई अमित श्रीवास्तव का एक मात्र कार्य उपभोक्ताओं से सिर्फ अवैध वसूली करना और उपभोक्ता की समस्याओं को निस्तारित करने के स्थान पर गैर जिम्मेदाराना कार्य और अनुचित व्यवहार करते थे। सौरमऊ (बैंक कॉलोनी)के एक उपभोक्ता ने बताया की मेरे द्वारा प्रतिमाह बिजली के बिल का भुगतान किया जाता है। लेकिन कथित जेई अमित श्रीवास्तव द्वारा अतिरिक्त धन की वसूली के उद्देश्य से डेढ़ दर्जन लोगों के साथ दबंगई करते हुए मेरा कनेक्शन दिनांक 02.02.0224 को विच्छेद कर दिए और कनेक्शन विच्छेद रशीद भी नहीं दी गई। जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन की गई। अधिशासी अभियंता विद्युत द्वारा उक्त शिकायत का भ्रामक, कूटरचित और सतही तरीके से निस्तारण कर भ्रष्टाचारी जेई को संरक्षित किया जा रहा है। उपभोक्ता द्वारा निस्तारण से संतुष्ट न होने पर पुनः अधिशासी अभियंता विद्युत द्वारा उपभोक्ता के पक्ष को जाने बिना पुनः भ्रामक तरीके से शिकायत को निस्तारित कर जनसुनवाई पोर्टल को मजाक बना कर रख दिया है। विद्युत अधिनियम के विपरीत चलने वाले निलंबित जेई अमित श्रीवास्तव को संरक्षित करने के उद्देश्य से अधिशासी अभियंता विद्युत द्वारा उच्चाधिकारियों को गुमराह करते हुए जनसुनवाई पोर्टल पर भ्रामक आख्या लगा कर जनपद के ईमानदार अधीक्षण अभियंता ए के सिंह की छवि को भी धूमिल किया जा रहा है।
उपभोक्ता ने अपनी आखिरी उम्मीद के रूप में दिनांक 15.02.24 अधीक्षण अभियंता सुल्तानपुर से मुलाकात कर जेई अमित श्रीवास्तव द्वारा किए गए अनुचित और अमर्यादित व्यवहार से अवगत कराते हुए उनकी संपत्ति की जांच कराने के लिए निवेदन किया। जिसके संबंध में अधीक्षण अभियंता ए के सिंह ने जांच समिति गठित कर कार्यवाही का आश्वासन दिया है। उसके बाद उपभोक्ता ने दिनांक 17.02.24 को एक्सियन और एसडीओ विद्युत वितरण खण्ड एक को भी शिकायती पत्र दिया। एसडीओ का कहना है की जेई अमित श्रीवास्तव पर लगे आरोपों की जांच अधीक्षण अभियंता सुल्तानपुर ही करा सकते है। हम इसमें कुछ नहीं कर सकते हैं।
निलंबित जेई अमित श्रीवास्तव और अधिशासी अभियंता प्रथम सुल्तानपुर आदि ने बिजली विभाग और जन सुनवाई पोर्टल कल को अपना चारागाह बना लिया है। जैसा मूड रहता है वैसी आख्या बना देते हैं।
अधिशासी अभियंता विद्युत ने बिना शिकायत कर्ता के पक्ष को सुने या बिना साक्ष्य लिए एक ही शिकायती प्रार्थना पत्र पर दो तरह की भ्रामक आख्या लगा कर विभाग और जनसुनवाई पोर्टल के जनकल्याणकारी उद्देश्य को रौंदा जा रहा हैं। इन्ही इस कुकृत्य के कारण आज समाज में बिजली विभाग को भ्रष्टाचार का पर्याय माना जाने लगा है। मुख्यमंत्री के रामराज्य की संकल्पना पर अब जेई अमित श्रीवास्तव और सतही एवं भ्रामक तरीके से शिकायत का निस्तारण करने वाले अधिशासी अभियंता जैसे लोग बिजली विभाग पर काला धब्बा लगा रहे हैं। सुल्तानपुर में भ्रष्टाचार के आरोप के बाद निलंबित जेई व अन्य आठ अधिकारी/कर्मचारी की संपत्ति की जांच कर कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए।



















