= केंद्रीय ख़ुफिया एजेंसियों की ओर से मिले इनपुट्स के साथ ही मछुआरों के बीच मौजूद मुखबिरों के जाल और सुरक्षा एजेंसियों, नौसेना और कोस्ट गार्ड्स करते समुद्र की रखवाली
अमजद खान, नजरिया न्यूज संवाददाता, गुजरात, 01मार्च।
भारतीय नौसेना और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मंगलवार को एक साझा अभियान में पोरबंदर के तट के क़रीब लगभग 3300 किलोग्राम ड्रग्स ज़ब्त किया है।रेडियो फ्रिक्वेंसीज़ की मदद से भारत आते जहाज़ों पर नज़र रखी जाती है ।केंद्रीय ख़ुफिया एजेंसियों की ओर से मिले इनपुट्स के साथ ही मछुआरों के बीच मौजूद मुखबिरों के जाल और सुरक्षा एजेंसियों, नौसेना और कोस्ट गार्ड्स करते समुद्र की रखवाली
अमजद खान, नजरिया न्यूज संवाददाता, गुजरात, 01मार्च। भारतीय नौसेना और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मंगलवार को एक साझा अभियान में पोरबंदर के तट के क़रीब लगभग 3300 किलोग्राम ड्रग्स ज़ब्त किया है।रेडियो फ्रिक्वेंसीज़ की मदद से भारत आते जहाज़ों पर नज़र रखी जाती है ।भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर इस ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी साझा की है
नौसेना ने बताया है कि इस ऑपरेशन में 3089 किलोग्राम चरस, 158 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन और 25 किलोग्राम मॉर्फीन ज़ब्त की गयी है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनसीबी, नौसेना और गुजरात पुलिस को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
भारतीय नौसेना के मुताबिक़, सर्विलांस मिशन पर लगे पी8आई एलआरएमआर एयरक्राफ़्ट से मिले इनपुट्स और नारकोटिक्स ब्यूरो की ओर से की गयी पुष्टि के आधार पर भारतीय नौसेना के युद्धपोत को संदिग्ध नाव की ओर भेजा गया
इसके कुछ समय बाद भारतीय युद्धपोत ने संदिग्ध जहाज़ को पकड़कर इतनी भारी मात्रा में ड्रग्स ज़ब्त किया।
नौसेना ने बताया है कि मात्रा की दृष्टि से यह ड्रग्स की सबसे बड़ी बरामदगी है. संदिग्ध नाव को गुजरात के तट के पास समुद्री सीमा रेखा के क़रीब रोका गया था।
इसके बाद 27 फरवरी को ही नशीली दवाओं के साथ ज़ब्त की गयी नाव और उसके चालक दल को भारतीय बंदरगाह के क़रीब क़ानून व्यवस्था संभालने में लगी एजेंसियों को सौंप दिया गया है।
गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने एक्स पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में यह ऑपरेशन नशा मुक्त भारत की प्रतिबद्धता को मज़बूत करेगा।
एनसीबी के उप महानिदेशक (ऑपरेशंस) ज्ञानेश्वर सिंह ने इस बारे में जानकारी दी है।
उन्होंने कहा:
‘भारतीय नौसेना, एनसीबी और गुजरात पुलिस की एटीएस शाखा के इस संयुक्त अभियान में लगभग 3300 किलोग्राम ड्रग्स बरामद किया गया है।मात्रा और रिकॉर्ड के आधार पर ये देश का सबसे बड़ा ऑफ़शोर सीज़र है। इसमें चरस और हशीश की सबसे अधिक मात्रा ज़ब्त की गयी है।
इस प्रकरण में पांच संदिग्ध विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। इनका संबंध पाकिस्तान से होना संदेह के घेरे में पाया जा रहा है।आज सुबह ही केंद्रीय मंत्री अमित शाह जी ने एनसीबी, नेवी और एटीएस गुजरात को इस अभूतपूर्व सफलता पर बधाई दी है।
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, एनसीबी ने पिछले दो सालों में भारतीय नौसेना के साथ मिलकर तीन अभियानों को अंजाम दिया है. फ़रवरी 2022 में गुजरात के तट से 221 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन ज़ब्त किया था. इसके बाद अक्टूबर 2022 में केरल के तट से 200 किलोग्राम हाई ग्रेड हेरोइन ज़ब्त किया था. पिछले साल मई में एनसीबी ने पाकिस्तान से आए एक जहाज़ से 12000 करोड़ क़ीमत वाली 2500 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन ज़ब्त की थी.जाता है. इसको ख़रीद-फ़रोख़्त से जोड़कर देखा जाता है।
कुछ साल पहले तक गुजरात के सलाया, ओखा, मांडवी और सौराष्ट्र जैसे बंदरगाहों से सोना, घड़ियां या इलेक्ट्रॉनिक सामान की तस्करी की जाती थी।इसके लिए ‘धव’ नामक छोटे देशी जहाज़ का प्रयोग किया जाता था।.
साल 1993 में पोरबंदर के गोसाबारा बंदरगाह पर आरडीएक्स और हथियारों की एक खेप उतरी थी।
इसका इस्तेमाल तत्कालीन बॉम्बे में विस्फोट करने के लिए किया गया था।पिछले कुछ वर्षों से गुजरात का उपयोग ट्रांसिट रूट के रूप में किया जा रहा है।
कुछ वक़्त पहले नशीले पदार्थ कच्छ, पंजाब और राजस्थान की सीमाओं के पार सुरंगों या पाइपों के माध्यम से भारत में प्रवेश करते थे।
गुजरात में लगभग 1600 किलोमीटर लंबी तटरेखा है, जो देश में सबसे लंबी है.
गुजरात में 30 हज़ार से अधिक नावें और छोटे जहाज़ पंजीकृत हैं। इसलिए खुले समुद्र में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उनकी गतिविधियों की निगरानी करना मुश्किल हो जाता है।
केंद्रीय ख़ुफिया एजेंसियों की ओर से मिले इनपुट्स के साथ ही मछुआरों के बीच मौजूद मुखबिरों के जाल और सुरक्षा एजेंसियों, नौसेना और कोस्ट गार्ड्स की ओर से समुद्र में इस्तेमाल की जाने वाली रेडियो फ्रिक्वेंसीज़ की मदद से भारत आते जहाज़ों पर नज़र रखी जाती है।





















