मीरा प्रवीण वत्स, विशेष संवाददाता नजरिया न्यूज नेशनल डेस्क, 29फरवरी।
कनार्टक में अब कांग्रेस सत्ता में हैं। वहीं राज्य की 28 में 25 लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। सोशल मीडिया का अध्ययन है कि दक्षिण भारत में भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव के परिणाम को दोहराने के लिए चुनौतियों से निपटने की तैयारी कर रही है। भारत सूत्रों की मानें तो कर्नाटक से कई सांसदों को भाजपा टिकट नहीं नहीं देने जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि इन सीटों को दोबारा से हासिल करने के लिए भाजपा कम से कम एक दर्जन पुराने चेहरों को बदलने वाली है। भाजपा ने अपनी खास रणनीति के तहत इस बार कुछ केंद्रीय मंत्रियों को संसदीय चुनाव लड़ाने की योजना भी बनाई है। इसमें केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और एस जयशंकर का नाम सबसे ऊपर है। भाजपा के सूत्रों का कहना है कि दोनों को ही भाजपा कर्नाटक में चुनावी मैदान में उतार सकती हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि वे दोनों किन सीटों से चुनाव लड़ेंगे।
सूत्रों ने बताया मौजूदा कुछ सांसदों में पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद सदानंद गौड़ा, जी एम सिद्धेश्वर, रमेश जिंगजिंगानी, अनंत हेगड़े, शिवकुमार उदासी, बी. एन. बच्चे गौड़ा,मंगला अंगाडी, जी. एस. बसवराज, वी. श्रीनिवास प्रसाद और वाय देवेंद्रप्पा जैसे सांसदों का टिकट भाजपा काटने जा रही है।
दक्षिण भारत में 130 में से भाजपा के पास है 29 सांसद:
आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और तेलंगाना राज्य में लोकसभा की कुल 130 सीटें हैं। दक्षिण भारत की 130 में से भाजपा के पास 22 फीसदी यानी की सिर्फ 29 लोकसभा सीटें हैं।
2019 में कर्नाटक में भाजपा ने 28 लोकसभा सीटों में से 25 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2019 में तेलंगाना की 17 सीटों में से भगवा पार्टी को 4 सीटें मिली थीं। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में भाजपा के पास एक भी लोकसभा सीट नहीं है।
पी.एम. मोदी खुद कर रहे हैं दौरे :
भाजपा अपने 400 पार के टारगेट को पूरा करने के लिए दक्षिण भारत पर फोकस कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दक्षिण भारत के कई दौरे कर चुके हैं। इस साल की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने तमिलनाडु, केरला और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप का दौरा किया था और लोगों को करोड़ों रुपए की योजनाओं की सौगात दी थी। जानकारों का कहना है कि दक्षिण भारत में 130 लोकसभा सीटों में से काफी सीटें हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित करने के बाद ही भाजपा ने चुनावों में 400 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा किया है। फिलहाल सोशल मीडिया में रिपोर्ट है कि भाजपा की स्थिति दक्षिण भारत में 2019के सापेक्ष दयनीय है।





















