वीरेंद्र चौहान नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज, 01 जनवरी।
सतत विकास। बेहतर स्वास्थ्य। किशनगंज के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियो के साथ विदा हो रहा है। गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह वर्ष महत्त्वपूर्ण इसलिए भी रहा क्योंकि प्राथमिक से लेकर जिला स्तर तक जांच, इलाज, रेफरल, आपदा-तैयारी और समुदाय आधारित सेवाओं में ठोस प्रगति हुई।
प्रतिक्रिया:
डीक्यूएसी सुमन सिन्हा ने कहा की इस वर्ष 13 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर राज्य स्तरीय एनकवास प्रमाणन प्राप्त करने में सफल रहा:
टेढ़ागाछ प्रखंड में झाला , किशानगंज सदर प्रखंड क्षेत्र में गाछपाड़ा और मोतिहारा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ने गुणवत्ता प्रदर्शन में राष्टीय स्तर पर खरा उतरा है।
वर्ष 2025में सक्रिय एचडब्लूसी की संख्या 146 से बढ़कर 174 होना और 212 एएनएम् व 06 एम्बीबीएस डॉक्टरों की तैनाती ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोग, टीबी और परिवार नियोजन सेवाओं की उपलब्धता को और मजबूत किया है।
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया की 2025 का लक्ष्य था गुणवत्ता के लिए आधार तैयार करना और प्राथमिक स्तर पर अधिकतम संस्थानों को प्रमाणन के मानकों तक लाना। 13 एचडब्लूसी का राज्य स्तरीय प्रमाणन हमारे दिशा-निर्देशन की पुष्टि है। 2026 में APHC और CHC को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित कराने की तैयारी की जाएगी, ताकि मरीजों को गुणवत्ता-आधारित सेवा सहज मिले।
डीपीसी विश्वजीत कुमार ने कहा की जिले में 174 सक्रिय एचडब्लूसी के साथ SDG-3 के लक्ष्य के अनुरूप समुदाय में उपचार की पहुंच मजबूत हो रही है जो की स्वास्थ्य सेवाओं का लक्ष्य है कि मरीज का पहला संपर्क ही गुणवत्तापूर्ण हो। एचडब्लूसी की बढ़ी संख्या का सीधा लाभ जिसमें गांव में ही एनसीडी स्क्रीनिंग, परिवार नियोजन परामर्श, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, एनीमिया व टीबी की जांच और दवा उपलब्धता ये सब एक ही छत के नीचे… । 2025 ने नींव में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया है। मानव संसाधन में वृद्धि हुई जिसमे 212 एएनएम् , 06 एम् बीबीएस , 05 आयुष चिकित्सकों से सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित हुई |
विशेषज्ञों की उपलब्धता से जिला अस्पताल में सर्जरी, बाल स्वास्थ्य और आपात सेवाओं में निरंतरता आई है। एएनएम् की संख्या बढ़ने से एंटीनेटल केयर, टीकाकरण, परिवार नियोजन और जन-जागरूकता की रफ्तार भी गति मिली। यह मानवीय निवेश सतत विकास लक्ष्य के मूल में है।”

किशनगंज, बिहार -हमारा प्रयास है की गंभीर बच्चों का इलाज जिले में हो, और किसी आपदा की स्थिति में उपचार बाधित न हो: डीएम
= सिंहावलोकन – स्वास्थ्य विभाग की 2025 पर विशेष टिप्पणी, उपलब्धियों का वर्ष कैसे रहा 2025
जांच क्षमता में स्वावलंबन :
डीपीएम डॉ. मुनाजिम ने बताया की अब मरीजों को शुगर, किडनी, लीवर, हार्ट, हेपेटाइटिस, टायफाइड, थायराइड जैसी 40 आवश्यक जाँचें सदर अस्पताल में मुफ्त मिल रही हैं। हजारों मरीजों को आर्थिक राहत और उपचार की निरंतरता सुन निश्चित हो सकी है। यह जिला अस्पताल की आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है।
आपदा-तैयारी और बाल स्वास्थ्य के लिए 50-बेड फील्ड हॉस्पिटल, पीकू सेवाओं से गंभीर उपचार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया गया है |
डीएम की टिप्पणी
जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा की फील्ड हॉस्पिटल और पीकू सेवाएं केवल संरचना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक स्वास्थ्य- सुरक्षा हैं। हमारा प्रयास है की गंभीर बच्चों का इलाज जिले में हो, और किसी आपदा की स्थिति में उपचार बाधित न हो। हर महीने की समीक्षा और फील्ड भ्रमण का लक्ष्य है अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना।”
राष्ट्रीय लक्ष्य :
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया की सतत विकास लक्ष्य के अनुरूप 2025 में परिवार नियोजन परामर्श, टीबी रोगियों की खोज, कालाजार प्रभावित क्षेत्रों में IRS एवं दवा उपलब्धता, और फाइलेरिया MDA अभियान को गति दी गई।इन पहलों के साथ एचडब्लूसी में FP परामर्श, टीबी रोगियों की पहचान, कालाजार केस रिफरल और MDA कवरेज में बढ़ोतरी दर्ज हुई। नए भवन एवं समुदाय आधारित संरचना 22 भवन और 70 नई आशा से स्वास्थ्य नेटवर्क मजबूत 22 नई इमारतें और 70 नई आशा के जुड़ने से समुदाय तक जागरूकता व सेवा- संचार की क्षमता बढ़ी। इससे परिवार नियोजन, प्रसव पूर्व-परामर्श, टीकाकरण, पोषण और MDA कवरेज में निरंतरता बनी रही
2026 की दिशा :
राष्ट्रीय प्रमाणन, रेफरल में कमी और विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने आगे कहा की 2025 में हमने स्वास्थ्य सेवाओं की जड़ें मजबूत कीं। 2026 में राष्ट्रीय प्रमाणन, विशेषज्ञ उपलब्धता और रेफरल कम करने पर ध्यान होगा। जिला छोड़ने की मजबूरी कम हो यही हमारा लक्ष्य है। अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्ता-युक्त सेवा वर्ष 2025 में मानव संसाधन, गुणवत्ता मूल्यांकन, स्वास्थ्य अवसंरचना, जांच क्षमता, सामुदायिक भागीदारी और आपदा-प्रबंधन के क्षेत्र में जो प्रगति हुई, उसने किशनगंज को SDG-3 के लक्ष्य — “सभी के लिए स्वास्थ्य” की दिशा में ठोस आधार 2026को दिया है।























