आयुक्त कोसी प्रमंडल पूर्णिया ने शिकायत का लिया था संज्ञान, तय की थी सुनवाई की तारीख
वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज, 27दिसंबर।
किशनगंज अंचल में भूमि का खारिज दाखिल,परिमार्जन, भू मापी, भूमि से संबंधित अन्य कार्य के लिए बिना रिश्वत दिए अंचल कर्मी कार्य नहीं कर रहे हैं। यह दास्तान किशनगंज अंचल की है। पीड़ित द्वारा रिश्वत नहीं दिए जाने पर परिमार्जन अंचल अधिकारी ने नही किया। पीड़ित ने यह शिकायत आयुक्त पूर्णिया प्रमंडल की तो सुनवाई की तारीख आयुक्त महोदय द्वारा सुनिश्चित की गई। इस आशय की नोटिस मिलते ही शिक़ायत कर्ता जिस कार्य के लिए एक लाख रुपये की मांग लाया दलाल की गई थी, वह कार्य बिना रिश्वत लिए ही कर दिया गया।
गौरतलब है कि किशनगंज अंचल अंतर्गत मौजा सुन्दरायण, थाना नं.110, खाता नं. 21, खेसरा नं. 1,3,8 रकवा 1 एकड़ 4 डी. मु. तपेश्वरी के नाम से खरीदगी हासिल वो मुकर्रर है जिसका जमाबंदी सं. 1211, भाग वर्तमान 8, पृष्ठ सं.-1211 है। जमीन का खेसरावार रकवा संधारित करने हेतु अंचल अमीन द्वारा उक्त प्लाट में जाकर स्थलीय मापी कर कुल रकवा एक एकड़ 4 डी. खेसरा सं.08 में ही है।
मापी प्रतिवेदन के आधार पर दिनांक 24/9/2025 को परिमार्जन खेसरावार सुधार हेतु आवेदन किया गया,जिसे राजस्व कर्मचारी द्वारा भी खेसरावार रकवा सुधार हेतु अनुशंसा कर दिनांक 18/10/2025 को अंचल अधिकारी किशनगंज के आईडी. में फारवार्ड कर दिया गया। किन्तु अंचल अधिकारी किशनगंज द्वारा उक्त मामले को दो माह तक अपने आईडी में रखा और रैयत से अवैध राशि का मांग की एवं जब आवेदक उन्हें रिश्वत देने नहीं पहुंचा जिसके आलोक में अंचल अधिकारी किशनगंज द्वारा दिनांक 04/12/2025 को उक्त परिमार्जन को यह कहते हुए वापस लौटा (निरस्त) दिया कि “आवेदित जमाबंदी में पूर्व से खेसरा वार रकवा संधारित है”।
जिसे मोटी राशि नहीं मिलने के आलोक में अंचल अधिकारी द्वारा परिमार्जन नहीं किया । इस मामले में पीड़ित के द्वारा आयुक्त कोसी मंडल पूर्णिया मामले में शिकायत प्रेषित की गई।
आयुक्त पूर्णिया प्रमंडल के द्वारा शिकायत को संज्ञान में लेते हुए अंचल अधिकारी किशनगंज को इस मामले में नोटिस निर्गत की गई। नोटिस मिलते ही पीड़ित का परिमार्जन कर दिया गया।
गौरतलब है कि ऐसे अनगिनत मामले संबंधित कार्यालय में अंचल अधिकारी किशनगंज के समक्ष लंबित है जिसमें से मोटी राशि देने वालों का कार्य कर दिया जाता है और जो रिश्वत नहीं देते उसको कागजी प्रक्रिया में उलझा दिया जाता है या अस्वीकृत कर दिया जाता है।





















