- जागरूकता कार्यक्रम के साथ स्वास्थ्य एवं नेत्र जाँच शिविर-सह-चश्मा वितरण समारोह का आयोजन किया गया
- जागरूकता कार्यक्रम व्यवहार न्यायालय अररिया के डीएलएसए हॉल में किया गया
नजरिया न्यूज (विकास प्रकाश) अररिया।
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पटना के निर्देश के आलोक में सोमवार को स्थानीय व्यवहार न्यायालय अररिया के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हॉल में जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं बुनियाद केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007 के तहत जागरूकता कार्यक्रम के साथ स्वास्थ्य एवं नेत्र जाँच शिविर-सह-चश्मा वितरण समारोह का आयोजन किया गया।
इसकी अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुंजन पाण्डेय ने की।
सर्वप्रथम दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम मे मंचासिन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुंजन पाण्डेय, एसीजेएम सह डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव, बाल कल्याण समिति के सहायक निदेशक शंभु रजक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक दिलीप कुमार, सक्षम बुनियाद केंद्र के जिला प्रबंधक नवीन कुमार ने संयुक्त रूप से किया। जबकि इनका सहयोग मनोवैज्ञानिक डॉ शुभम कुमार, जिला बार एसोसिएशन अशोक पांडेय, महासचिव कामाख्या यादव, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष तपन बनर्जी, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सह एलएडीसी चीफ विनय ठाकुर, जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष विनोद प्रसाद, महिला अधिवक्ता वीणा झा ने मिलकर किया। तथा अपने अपने अनुभवों को साझा किए।
कार्यकम की अध्यक्षता करते हुए जिला जज गुंजन पाण्डेय ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य संरक्षण, उनके अधिकारों को सशक्त करना तथा समाज में संवेदनशीलता बढ़ाना था।
एसीजेएम सह डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल, सम्मान और सुरक्षा हमारा नैतिक कर्तव्य ही नहीं, कानूनी दायित्व भी है। उन्होंने भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007 की मुख्य प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह अधिनियम माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक, सामाजिक एवं भावनात्मक सहायता सुनिश्चित करता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ उठाया। नेत्र विशेषज्ञों द्वारा आँखों की विस्तृत जाँच की गई, जिसमें दृष्टि संबंधी समस्याओं, मोतियाबिंद और अन्य नेत्र रोगों की पहचान की गई। जरूरतमंद वृद्धजनों को मौके पर ही निःशुल्क चश्मे का वितरण किया गया। शिविर में सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप, मधुमेह परीक्षण जैसी सेवाएँ भी प्रदान की गईं।
बुनियाद केन्द्र के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस प्रकार के शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं ताकि समाज के कमजोर एवं उपेक्षित वर्गों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ आसानी से पहुँच सकें। वरिष्ठ नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें आत्मविश्वास और सहारा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से उपस्थित लोगों को कानूनी सहायता हेल्पलाइन, निःशुल्क परामर्श सेवाओं और त्वरित न्याय तंत्र की जानकारी भी दी गई।
इस संयुक्त पहल ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाया, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए समाज को जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगी।
इस मौके पर नेत्र विशेषज्ञ डॉ आबिद, नेत्र सहायक अजय कुमार, अक्यूपेशनल थेरापिस्ट केशव कुमार झा, स्वास्थ्य विभाग की एएनएम रिंकू कुमारी
मध्यस्थता केन्द्र के सभी ट्रेंड मेडिएटर्स, वरीय व कनिष्ठ अधिवक्ता, बुजुर्ग महिला व पुरुष न्यायार्थी आदि ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।
बताया गया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ उठाया।
मंच का सफल संचालन अधिवक्ता सह मेडिएशन सेंटर के ट्रेंड मेडिएटर विनीत प्रकाश ने की। जबकि डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन कर आने वाले सभी गणमान्य लोगों के प्रति आभार व्यक्त किए।























