नजरिया न्यूज़, अररिया।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे 14 नवंबर को आने वाले हैं। उससे पहले अररिया विधानसभा क्षेत्र में सियासी हलचल तेज है। एग्ज़िट पोल के अनुसार यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। एक ओर जहां एनडीए (NDA) को महिला मतदाताओं की अधिक भागीदारी से उम्मीदें हैं, वहीं कांग्रेस की दावेदारी भी इस बार काफी मजबूत दिखाई दे रही है। एआईएमआईएम (AIMIM) भी मैदान में सक्रिय होकर मुकाबले को और दिलचस्प बना रही है।
अररिया विधानसभा में कुल 3,36,234 मतदाता हैं, जिनमें 1,74,840 पुरुष और 1,59,657 महिला मतदाता शामिल हैं। इस बार 2,41,284 वोट डाले गए — इनमें 1,19,127 पुरुष और 1,22,156 महिलाएं शामिल हैं। यानी इस बार पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने ज्यादा उत्साह दिखाया है, जो राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महिला मतदाताओं की यह सक्रियता एनडीए के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है, क्योंकि हाल के वर्षों में सरकार की कई योजनाओं का सीधा लाभ महिलाओं को मिला है। हालांकि, कांग्रेस भी अपने जनसंपर्क अभियान और स्थानीय मुद्दों पर जोर देकर मजबूत स्थिति में दिख रही है।
वहीं, AIMIM भी अल्पसंख्यक मतदाताओं पर फोकस करते हुए मुकाबले को त्रिकोणीय बना रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार चुनाव में करीब 10 हजार वोटों का अंतर निर्णायक भूमिका निभा सकता है, जो किसी भी दल के पक्ष या विपक्ष में परिणाम तय कर सकता है।
अब सबकी निगाहें 14 नवंबर की मतगणना पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि क्या महिला मतदाताओं की बढ़ी हुई भागीदारी एनडीए के पक्ष में जाएगी या कांग्रेस और AIMIM इस लहर को अपने हक में मोड़ पाएंगी।























