=खुद को मौत के हवाले करने से पहले विषमलिंगी पर लिखा नोट, परिजन ने दी जानकारी
वीरेंद्र चौहान नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज,31अक्टूबर।
किशनगंज जिला अंतर्गत पोठिया प्रखंड अंतर्गत पहाड़कट्टा थाना मुख्यालय के छत्तरगाछ पुरब बस्ती में एक छात्र उभयलिंगी से आजिज आकर अपने घर में फांसी लगाकर मौत कबूल कर लिया। परिजन और ग्रामीण कोचिंग सह हॉस्टल संचालक और उसके साथी द्वारा लंबे समय से उभयलिंगी उत्पीड़न को आत्महत्या का कारण माना रहे हैं। परिजन, दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है।
जानकारी के अनुसार छतरगाछ पुरबबस्ती निवासी देवनंदन राय उर्फ सुरजीत कुमार राय, उम्र 16 वर्ष, इंटर का छात्र था। पढ़ाई के लिए वह छत्तरगाच्छ मियां बस्ती निवासी आदिल रब्बानी द्वारा संचालित कोचिंग में जाता था और वहीं हॉस्टल में रहता था। परिजन का कहना है कि आदिल रब्बानी उसके साथ कई बार विषम संबंध बनाया था, जिसमे जीशान नाम का युवक भी शामिल था।
आरोप के अनुसार रात को नदी किनारे ले जाकर बालू उठवाता था तथा विषम संबंध बनाने के लिए दबाव बनाता था। विरोध करने पर धमकाता था।
परिजन के अनुसार इससे छात्र गहरे तनाव में रहता था।
विषमलिंगी से बचने के लिए वह कोचिंग छोड़ दिया और पौआखाली स्थित एक अन्य शिक्षक इंतखाब के यहां रहने लगा, लेकिन दोनों आरोपित वहां भी पहुंचकर उसे परेशान करते रहे।
परिजन के अनुसार,मंगलवार की रात सुरजीत घर आया था। घर में बिजली गुल होने पर वह पीछे के कमरे में गया।इसी दौरान परिवार के लोगों ने चीख सुनकर दरवाजा तोड़ा तो देखा कि वह छत के कुंडे से लटका हुआ था।उसे आनन फानन में रेफरल अस्पताल छतरगाछ ले जाया गया। डॉक्टर नहीं रहने के कारण उसे किशनगंज सदर अस्पताल ले जाया गया जहां मृत घोषित कर दिया गया।

किशनगंज, बिहार- बेहाल मां, फिलहाल, उभयलिंगी संबंधित नोट्स विद्यार्थी की किताबों के बीच से मिलने से अभिभावकों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है, स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि बच्चों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों की निगरानी को लेकर प्रशासन जल्द ही सख्त कदम उठाए-नजरिया न्यूज
मृतक के सुसाइट नोट से खुला राज
परिजनों ने छात्र की कॉपियां खंगालनी शुरू की। इसी दौरान दो सुसाइड नोट मिला ।एक में पिता से माफी मांगी गई है, दूसरे में कोचिंग छोड़ने और मानसिक उत्पीड़न का जिक्र है।नोट में लिखा गया है कि आदिल की वजह से वह पढ़ाई नहीं कर पा रहा था और तनाव में था।
फिलहाल ग्रामीणों ने इस घटना को लेकर आक्रोश व्यक्त किया है। सूरज राय ने कहा: यह शिक्षा के नाम पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
इस बीच मृतक की मां रोते हुए बार- बार यही कह रही हैं कि मेरे बेटे को जबरन गलत रास्ते पर ले जाया गया, अब मुझे केवल न्याय चाहिए।
मृतक के परिजनों ने सरकारी चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक की मौसी सीमा ने बताया कि 2 से 3 घंटा हो गया लेकिन अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे।
घटना की जानकारी मिलने पर परिजन ने उसे नीचे उतारा और आनन फानन मे छत्तरगाछ रेफरल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर और एंबुलेंस नहीं था।छात्र की स्थिति गंभीर होने पर प्राइवेट गाड़ी से किशनगंज सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजन के अनुसार उसके बाद बेटे को एमजीएम लेकर गए लेकिन डॉक्टर ने कहा, 10 मिनट पहले लेकर आते तो हम लोग बचा पाते।
एसडीपीओ मंगलेश कुमार ने बताया कि उक्त मामले में कांड दर्ज कर लिया गया हैं। परिजनों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया, मामले को गंभीरता से लिया गया है।
फिलहाल, उभयलिंगी संबंधित नोट्स विद्यार्थी की किताबों के बीच से मिलने से अभिभावकों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि बच्चों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों की निगरानी को लेकर प्रशासन जल्द ही सख्त कदम उठाए।























