नजरिया न्यूज़, अररिया।
बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से अररिया जिला प्रशासन की ओर से निर्वाचन संबंधी कर्मियों का द्वितीय चरण का प्रशिक्षण 29 अक्टूबर 2025 से 1 नवंबर 2025 तक विधानसभावार चयनित तीन केंद्रों पर आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में मतदान प्रक्रिया से जुड़े सभी पदाधिकारियों को निर्वाचन की विभिन्न विधियों और दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर को कुल 3336 मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण निर्धारित था। हालांकि, इस दौरान 12 पीठासीन पदाधिकारी, 4 प्रथम मतदान पदाधिकारी, 11 द्वितीय मतदान पदाधिकारी और 10 तृतीय मतदान पदाधिकारी बिना किसी अनुमति के अनुपस्थित पाए गए। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, अररिया ने इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए संबंधित कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश जारी किया है।
निर्देश में कहा गया है कि अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों से उनके नियंत्रक पदाधिकारी के माध्यम से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाएगा और उचित अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, निर्वाचन कर्तव्य से अनधिकृत अनुपस्थिति को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-134 तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) की धारा-198 के तहत कानूनी अपराध माना गया है। इन धाराओं के तहत ऐसे कर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया है कि वे अपने द्वितीय नियुक्ति-पत्र या एसएमएस के माध्यम से प्राप्त सूचना के अनुसार निर्धारित तिथि और समय पर प्रशिक्षण केंद्र में उपस्थित होकर प्रशिक्षण प्राप्त करें।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्य एक संवैधानिक जिम्मेदारी है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता और सफलता के लिए सभी कर्मियों की समय पर उपस्थिति अत्यावश्यक है।























