आदित्य दत्ता नजरिया न्यूज़ रानीगंज
रानीगंज के प्रसिद्ध काली मंदिर में हाल ही में दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं जागरण का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इसी के साथ गुरुवार को कलश विसर्जन किया गया काफी संख्या में भक्त उपस्थित थे, इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना दिया।21 अक्टूबर को धूपची का आयोजन किया गया और 22 अक्टूबर को नेपाल से आए कलाकारों ने धार्मिक झांकी प्रस्तुत की, जिसमें विशेष रूप से अघोरी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा।
इस दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालु भक्तों से खचाखच भर गया, जो भगवान काली के आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए यहां पहुंचे थे। 23 अक्टूबर को कलश विसर्जित किया गया, मंदिर के पंडित रितिक पांडे ने बताया कि पूरा विधि विधान के साथ मां काली की पूजा अर्चना किया गया, मंदिर समिति के अध्यक्ष जगदीश जायसवाल ने बताया कि रानीगंज काली मंदिर का इतिहास 200 वर्ष से भी अधिक पुराना है।
यह मंदिर अपने स्थापत्य और धार्मिक महत्व के कारण क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हर वर्ष यहां बड़ी धूमधाम से पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।इस वर्ष, नवयुवक क्लब द्वारा आयोजित पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम बेहद सफल रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में क्लब के अध्यक्ष रोहन रितेश, निशांत निशु, विकास कुमार, गोपी कृष्ण , वेदव्यास कुमार उर्फ बिट्टू, सन्नी कुमार यादव, राजकुमार, मुकेश गुप्ता, राजा मंडल, जितेंद्र कुमार मंडल जीतू, मनीष,पंकज, बिट्टन झा, नीलकमल,अमर प्रधान, राजा कुमार, रानीगंज थानाध्यक्ष रविरंजन सिंह,दरोगा सुरेंद्र कुमार भी इस आयोजन को सफल बनाने में विशेष भूमिका निभाई।
उनकी सतर्कता और कुशल व्यवस्था के कारण ही कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सका। इस धार्मिक आयोजन ने जहां श्रद्धालुओं को अध्यात्मिकता की अनुभूति कराई, वहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का भरपूर मनोरंजन किया।























