नजरिया न्यूज़, अररिया।
“नजरिया न्यूज़” पर चली खबर का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। सदर अस्पताल, अररिया में सफाईकर्मी द्वारा मरीज का इलाज करने की खबर जैसे ही प्रसारित हुई, जिला स्वास्थ्य प्रशासन हरकत में आ गया। अस्पताल प्रबंधक के.के. कश्यप ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और जांच के आदेश जारी किए।
मामले की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इमरजेंसी वार्ड में कार्यरत सफाईकर्मी पॉपी देवी, जिसे जीविका दीदी के माध्यम से सफाई कार्य के लिए नियुक्त किया गया था, वह मरीजों को सुई लगाने और अन्य चिकित्सकीय कार्य करने में संलग्न थी। यह जानकारी मिलते ही प्रबंधक कश्यप ने जीविका को पत्र भेजकर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कार्रवाई के तहत संबंधित सफाईकर्मी को तुरंत निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया।
इसकी पुष्टि करते हुए सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार कश्यप ने बताया कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े संस्थानों में किसी गैर-प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा चिकित्सकीय कार्य करना गंभीर लापरवाही है, और ऐसे मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
ज्ञात हो कि “नजरिया न्यूज़” ने यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी कि सदर अस्पताल की एक सफाईकर्मी मरीजों का इलाज करती नजर आई। खबर के वायरल होते ही लोगों में आक्रोश फैल गया और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा।
स्थानीय नागरिकों ने “नजरिया न्यूज़” की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारिता का असली उद्देश्य जनता की आवाज़ बनना है, और इस रिपोर्टिंग ने यह साबित कर दिया कि मीडिया की भूमिका अब भी जनहित की रक्षा में अहम है।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।
यह घटना न केवल स्वास्थ्य विभाग के लिए चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि “नजरिया न्यूज़” जैसी जनपक्षीय पत्रकारिता से ही व्यवस्था जवाबदेह बनती है।























