नजरिया न्यूज़, अररिया। विकाश प्रकाश।सीमांचल युवा जागरण मोर्चा के प्रत्याशी शंकर ओझा का 2025 विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द होने से सियासी हलचल तेज हो गई है। शंकर ओझा ने इस घटना को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कड़ा विरोध जताया है। मंगलवार को सीमांचल युवा जागरण मोर्चा के कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके साथ लगातार दूसरी बार साजिश के तहत नामांकन रद्द किया गया है।
शंकर ओझा ने बताया कि उन्होंने सोमवार को विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था। नामांकन फॉर्म में ‘डैस’ शब्द का उल्लेख को सुधार कर 11 बजे तक जमा करने को कहा गया था । मोर्चा प्रत्याशी शंकर ओझा ने पुनः फार्म सुधार कर मंगलवार सुबह 10:54 बजे नामांकन केंद्र पर पहुंच गए । 13 मिनट बैठने के बाद 11:07 बजे उन्हें सूचित किया गया कि उनका नामांकन रद्द कर दिया गया है। जब उन्होंने रद्द करने का कारण पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि आपने समय पर कागजात नहीं जमा किया। जब की निर्वाचन क्षेत्र के अंदर और बाहर लगे सी सी टीभी केमरा साक्षी है कि मैं 10 बज के 54 मिनट में निर्वाचन कक्षा में पहुंच चुका हूं। शंकर ओझा ने इसे तर्कहीन और साजिश का हिस्सा बताया।
उन्होंने 2020 विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी उनके खिलाफ साजिश रची गई थी। तब उन्हें गिरफ्तार कर 20 दिनों तक जेल में रखा गया था। इस बार भी वही कहानी दोहराई गई है। ओझा ने कहा, “यह मेरे खिलाफ सुनियोजित साजिश है, जिसका मकसद मुझे चुनावी मैदान से बाहर रखनाहै। हमसे और हमारे मोर्चे से जिले के पार्टी विशेष नेता को खटकते हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग को पत्र लिखने की बात कही सीमांचल युवा जागरण मोर्चा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में इस घटना को लेकर गुस्सा है। ओझा ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और जनता के बीच इस साजिश को उजागर करेंगे । इस घटना ने क्षेत्र में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
वही मोर्चा के अध्यक्ष श्री गगन कुमार झा ने कहा कि इस नामांकन प्रक्रिया को लेकर वह चुनाव आयोग से भी शिकायत करेंगे साथ ही चुनाव आयोग से भी जवाब माँगा जाएगा । चुकी नामांकन फार्म में जो कॉलम उपयोगी नहीं है उसे किस तरह के चिन्ह से अंकित कर भरा जाए इस की कोई गाइडलाइन चुनाव आयोग के द्वारा नहीं दिया गया है फिर इस तरह से प्रत्याशी को परेशान करना और समय अवधि समाप्त होने से पहले पहुंचने के बावजूद उनका नामांकन रद्द करना अनुचित है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले को लेकर मोर्चा उच्च न्यायालय मैं बहुत जल्द याचिका दायर करेगी।























