आदित्य दत्त, नजरिया न्यूज़, रानीगंज
रानीगंज में विधानसभा चुनावी सरगर्मी के बीच दीपावली का उल्लास भी चरम पर है। बाजारों और गलियों में रौनक लौट आई है। दीपों के पर्व ने लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है।
रानीगंज प्रखंड के कुम्हार बस्ती में इन दिनों चाक की रफ्तार तेज हो गई है। सुबह से लेकर देर शाम तक कुम्हारों के हाथों में घूमता चाक मिट्टी को दीए, कलश और लक्ष्मी-गणेश की सुंदर मूर्तियों का आकार दे रहा है। कुम्हार बबलू कुमार बताते हैं — “दीपावली हमारे जीवन का सबसे बड़ा अवसर होता है। अगर लोग मिट्टी के दीये जलाएं तो पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा और हमारी मेहनत का फल भी मिलेगा।”
बाजारों में दीपावली की तैयारियाँ जोरों पर हैं। दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों की सफाई, रंग-रोगन और सजावट में जुटे हैं। मिठाई, झालर, रंगोली और उपहारों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। कुम्हारों के मुताबिक, दीयों की कीमत इस बार 2 रुपये से शुरू होकर 50 रुपये तक है। आकर्षक डिज़ाइन वाले दीयों की मांग सबसे अधिक है।
उधर, रानीगंज काली मंदिर में इस बार नवयुवक क्लब के तत्वावधान में भव्य पूजा की तैयारी चल रही है। मंदिर परिसर में रंग-रोगन और सजावट का काम तेजी से जारी है। दीपावली की रात मंदिर परिसर को रोशनी से नहलाने की तैयारी की जा रही है। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की भी बातचीत हो रही ह
समाजसेवी संस्थाएँ भी लोगों से अपील कर रही हैं कि “इस बार ग्रीन दिवाली मनाएं, पटाखों से परहेज करें और अपने घरों को मिट्टी के दीयों से सजाएं।”
त्योहार का माहौल अब धीरे-धीरे परवान चढ़ चुका है। हर गली, हर मोहल्ला दीपों की रोशनी में जगमगाने को तैयार है, वहीं दुकानदार धनतेरस की तैयारियों में भी पूरी तरह व्यस्त हैं। विधानसभा चुनाव के बीच पुलिस प्रशासन पूरी तरह से चौकस है बीएसएफ शास्त्र बल की टीम रानीगंज पहुंच चुकी है























