– न्यायमंडल अररिया के जुडिशियल मजिस्ट्रेट गजेन्द्र कुमार चौरसिया ने सुनाई सजा
नजरिया न्यूज (विकास प्रकाश), अररिया
न्यायमंडल अररिया के जुडिशियल मजिस्ट्रेट गजेन्द्र कुमार चौरसिया की अदालत ने 15 वर्ष पुराने गाली गलौज कर मारपीट करने की घटना प्रमाणित होने पर जिले के नरपतगंज थाना क्षेत्र के कन्हैली गांव के रहने वाले 60 वर्षीय आरोपी सत्य नारायण ठाकुर को डॉट फटकार लगा कर छोड़ते हुए आदेशित किया गया है कि अगले 01 वर्ष तक सूचिका तथा सूचिका के परिजनों के साथ किसी भी प्रकार का लड़ाई झगड़ा नहीं करना है, इस माने का शपथपत्र तामिल करे.
वही, साक्ष्य के आभाव में अन्य 04 लोग क्रमशः परमानंद ठाकुर, नीरज ठाकुर, कन्हैया ठाकुर व हानू साह उर्फ महेश प्रसाद को रिहा किया गया है. जबकि अन्य 02 अभियुक्तों क्रमशः फूलों देवी व चंद्र किशोर यादव की मृत्यु हो जाने के कारण केस की कार्यवाही से नाम विलोपित किया गया है.
यह सजा जीआर मुकदमा संख्या 426/2010 नरपतगंज थाना कांड संख्या 36/2010 में सुनाया गया है.
जानकारी देते हुए सरकार की ओर से सहायक अभियोजन पदाधिकारी जेवा वाहिद ने बताया कि घटना 08 अगस्त 2009 की रात्रि साढ़े 10 बजे को जिले के नरपतगंज थाना क्षेत्र के कन्हैली गांव की रहने वाली मुन्नी देवी पति शंभु ठाकुर के साथ गाली गलौज मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया था.
घटना को लेकर सूचिका मुन्नी देवी ने नरपतगंज थाना में 07 लोगों को नामजद बनाया था.
इस मामले में दिनांक 10 मार्च 2010 को संज्ञान लिया गया था. जबकि आरोप गठन 21 मई 2012 को हुआ था. बताया गया कि बचाव पक्ष से अधिवक्ता मो शौकत हयात ने कम से कम सजा देने की गुहार लगाई थी.





















