नजरिया न्यूज़, अररिया। विकाश प्रकाश।
अररिया जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। एक फर्जी नर्सिंग होम से नवजात शिशु की चोरी की घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। पुलिस ने इस मामले में कथित नर्स रूही और उनकी भाभी सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि नवजात की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
नगर थाना अध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने बताया कि पुलिस इस मामले की गहन जांच में जुटी है और बहुत जल्द नवजात को उसके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला 25 सितंबर से जुड़ा है, जब महलगांव थाना क्षेत्र के चिल्हनीया गांव निवासी रूबी खातून, पति सरफराज आलम को प्रसव के लिए सदर अस्पताल, अररिया लाया गया था। वहीं उन्होंने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। घर में खुशियों की लहर दौड़ गई, लेकिन यह खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई।
बताया जा रहा है कि प्रसव के बाद फर्जी नर्सिंग होम संचालक मो. एहतेशाम ने बच्चे को ‘बीमार’ बताकर अपने नर्सिंग होम में भर्ती करने का झांसा दिया। रूबी खातून को तीन दिनों तक अपने बच्चे से मिलने तक नहीं दिया गया। परिजनों को बार-बार कहा गया कि शिशु का इलाज चल रहा है।
बाद में जब परिजनों ने बच्चे को देखने की जिद की, तो एहतेशाम ने बहाने बनाना शुरू कर दिया। पहले कहा कि आईसीयू खराब है, इसलिए शिशु को पूर्णिया भेजा गया, फिर दावा किया गया कि बच्चे को दिल्ली के बड़े अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। लगातार झूठ और टालमटोल से परेशान होकर परिजनों ने नगर थाना में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सोमवार शाम करीब 7 बजे छापेमारी की और गैयारी पंचायत के सिसौना निजाम नगर से रूही और सोनी को हिरासत में लिया। दोनों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है।
थाना अध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने कहा, “नवजात चोरी के इस मामले में दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया है। उनकी भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला न केवल एक आपराधिक घटना है बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी लापरवाही को भी उजागर करता है।
इधर, रूबी खातून का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है, “मेरा बच्चा कहां है? मुझे मेरा बच्चा चाहिए… हमें न्याय चाहिए।”
यह मामला बिहार में फर्जी नर्सिंग होम्स के बढ़ते जाल और कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।























