नजरिया न्यूज़, अररिया।
अररिया जिले में हाल के दिनों में हुई भारी वर्षा और नदियों के जलस्तर में वृद्धि से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए गुरुवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न अंचलों की स्थिति की जानकारी ली गई और राहत व बचाव से संबंधित जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर स्थानीय लोगों से संवाद बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि दैनिक समाचार पत्रों व अन्य माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर संज्ञान लेते हुए समय पर कदम उठाए जाएं।
कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल को निर्देशित किया गया कि वर्षा के कारण जिन इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई है, वहां यथाशीघ्र मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की जाए। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वर्षा व बाढ़ से प्रभावित फसलों की क्षति का आकलन कर अग्रेतर कार्रवाई की जाए।
इसके अतिरिक्त, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल पूर्णिया को कहा गया कि नदियों के किनारे कटाव वाले स्थानों की पहचान कर कटाव निरोधी कार्य हेतु प्रस्ताव तत्काल विभाग को भेजें। पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वर्षा या बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जल्द से जल्द कर उन्हें आवागमन योग्य बनाया जाए।
इस बैठक में जिला पदाधिकारी के साथ अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), अपर समाहर्ता (राजस्व), सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, विद्युत आपूर्ति विभाग, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल के अधिकारी, सभी अंचलाधिकारी एवं अन्य संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आमजन की सुरक्षा व राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।























